देवरिया: सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सीएम अखिलेश यादव सोमवार को देवरिया हत्याकांड (Deoria Murder Case) के पीड़ितों से मिलने पहुंचे। वह फतेहपुर गांव में हुए सामूहिक हत्याकांड में सबसे पहले मृतक सत्यप्रकाश दूबे के घर गए। वहां, अखिलेश ने नरसंहार में मारे गए दूबे परिवार के पांचों मृतकों के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद वह घर के अंदर दाखिल हुए और नरसंहार के मजर को करीब से देखकर काफी हैरान हुए। इस दौरान सपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मौजूद रहे।
देवरिया सामूहिक हत्याकांड के पीड़ितों को अखिलेश ने दी श्रद्धांजलि
दोनों पीड़ित परिवारों के घर पहुंचे अखिलेश यादव
सत्यप्रकाश दूबे के घर से निकलने के बाद अखिलेश यादव अभयपुर टोला स्थित पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रेमचंद यादव के घर भी पहुंचे। वहां मृतक पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रेम यादव की फोटो पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान प्रेम की पत्नी शीला और दो बेटियों मौजूद थी। अखिलेश यादव ने उन्हें ढांढस बंधाया।
पूर्व सीएम के आगमन को लेकर रविवार की शाम से गांव के चप्पे-चप्पे पर सख्त पहरा था। देर शाम तक खुद आईजी जे रविंद्र गौड़ ने रुद्रपुर कोतवाली में पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यक्रम का खाका तैयार किया था। नरसंहार के बाद फतेहपुर गांव में धारा 144 लागू है।
ये था मामला
दरअसल, देवरिया जिले के रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र स्थित फतेहपुर गांव में गांधी जयंती 2 अक्टूबर को सुबह छह बजे लंबे समय से चल रहे जमीन ने खूनी संघर्ष करा दिया।यहां एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रेम यादव की धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड के प्रतिशोध में उमड़ी भीड़ ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य के पक्ष के लोग दूसरे पक्ष के सत्यप्रकाश दूबे के घर में घुसकर पति, पत्नी और उसकी तीन संतानों को गोली मारकर और धारदार हथियार से प्रहार कर मौत के घाट उतार दिया। हालांकि, एक बेटा देवेश दूबे गंभीर रूप से घायल हो गया था। फिलहाल उसकी हालत ठीक है।
इतने पर केस दर्ज
इस मामले में पुलिस ने सत्य प्रकाश दुबे की बेटी शोभिता की तहरीर का संज्ञान लेते हुए 27 नामजद और 50 अज्ञात के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस अभी तक 21 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं, दूसरी तरफ मृतक प्रेमचंद यादव की पत्नी ने भी केस दर्ज करवाया है।
