Sonipat News: सोनीपत के बड़ी औद्योगिक क्षेत्र की 136 नंबर फैक्ट्री में पेचकस बनाने के नाम पर 14 महीने तक नकली सिक्के बनाने का खेल चलता रहा। यूपी के सहारनपुर पुलिस के मुताबिक, फैक्ट्री में मशीन और डाई से 20 रुपये के नकली सिक्के तैयार किए जा रहे थे। गिरोह ने इस दौरान करीब 70 करोड़ रुपये के नकली सिक्के तैयार कर देशभर में खपा दिए। फैक्ट्री मालिक ने 51 हजार रुपये महीने के किराये पर फैक्ट्री दी थी, लेकिन किरायेदार का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया। आरोपितों के पास जीएसटी नंबर भी नहीं था। अब सोनीपत पुलिस पूरे मामले की अलग से जांच करेगी।
सोनीपत में नकली सिक्के बनाने की फैक्टरी का भंडाफोड़
सामने पेचकस की मशीनें, अंदर नकली सिक्के बनाने का कारोबार
सहारनपुर पुलिस की जांच के अनुसार, आरोपितों ने फैक्ट्री के आगे वाले हिस्से में छोटे पेचकस बनाने की मशीनें लगा रखी थीं। इससे फैक्ट्री में आने-जाने वालों को यही लगता था कि यहां पेचकस बनाए जा रहे हैं। वहीं फैक्ट्री के अंदरूनी हिस्से में मशीन और डाई की मदद से 20 रुपये के नकली सिक्के तैयार किए जा रहे थे। पुलिस ने 11 सितंबर की रात कार्रवाई कर नकली सिक्के, मशीनें और कच्चा माल कब्जे में लिया।
51 हजार रुपए महीने में किराये पर ली फैक्ट्री
फैक्ट्री मालिक विशाल जैन के अनुसार, उनकी बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में 450 वर्ग मीटर की फैक्ट्री है। पिछले साल जुलाई में संत रविदास नगर निवासी अनुराग पाल उर्फ लंकेश ने प्रॉपर्टी डीलर शिवकुमार कालिया के माध्यम से फैक्ट्री किराये पर लेने के लिए संपर्क किया था। रेंट एग्रीमेंट के तहत फैक्ट्री 51 हजार रुपये मासिक किराये पर दी गई थी।
पहले कृत्रिम आभूषण, फिर पेचकस बनाने की बताई बात
विशाल जैन के अनुसार, अनुराग पाल ने प्रॉपर्टी डीलर को शुरुआत में कृत्रिम आभूषण बनाने की बात बताई थी। बाद में फैक्ट्री मालिक को बताया कि यहां पेचकस बनाए जाएंगे। इसके बाद फैक्ट्री के आगे वाले हिस्से में पेचकस बनाने की मशीनें लगा दी गईं। इसी की आड़ में अंदर नकली सिक्के बनाने का काम चल रहा था।
गिरोह के 5 सदस्य गिरफ्तार
सहारनपुर पुलिस ने नकली सिक्के बनाने के मामले में पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें पंजाब के जीरकपुर निवासी उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह, सहारनपुर निवासी हिमांशु उर्फ गुल्लू और कुलदीप, मधुबनी निवासी संतोष चौरसिया उर्फ जनार्दन तथा संत रविदास नगर निवासी अनुराग पाल उर्फ लंकेश शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक गिरोह का सरगना उपकार लूथरा है और वह साल 2001 से नकली सिक्के बनाने के काम में लगा हुआ था।
फैक्ट्री में 12 हजार सिक्के तैयार करने की क्षमता
सहारनपुर पुलिस के मुताबिक, बड़ी औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्री में मशीन और डाई की मदद से नकली 20 रुपये के सिक्के तैयार किए जा रहे थे। फैक्ट्री में एक दिन में करीब 12 हजार सिक्के तैयार करने की क्षमता थी। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान मशीनों के साथ तैयार सिक्के और सिक्के बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल भी जब्त कर लिया।
सहारनपुर में दूसरी फैक्ट्री लगाने की तैयारी थी
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह सिर्फ सोनीपत में ही नकली सिक्के बनाने तक सीमित नहीं था। आरोपित सहारनपुर में भी एक दूसरी फैक्ट्री (Fake Coin Factory) लगाने की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया।
मालिक ने नहीं कराया पुलिस वेरिफिकेशन
फैक्ट्री किराये पर देते समय आरोपितों का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया गया। वहीं आरोपितों के पास कारोबार के लिए जीएसटी नंबर भी नहीं था। इसके बावजूद फैक्ट्री किराये पर दे दी गई। कारोबारी विशाल जैन का कहना है कि उन्हें किरायेदार की ओर से पेचकस बनाने की जानकारी दी गई थी।
प्रॉपर्टी डीलर बोला-हर क्लाइंट को जानकार बताना पड़ता है
प्रॉपर्टी डीलर शिवकुमार कालिया के अनुसार, वह हर महीने कई फैक्ट्रियां किराये पर दिलवाते हैं। उनका कहना है कि फैक्ट्री दिलवाते समय क्लाइंट को जानकार बताना पड़ता है। उन्होंने अनुराग पाल को भी अपना जानकार बताया था। वहीं फैक्ट्री मालिक का कहना है कि डीलर ने अनुराग को अपना जानकार बताया था, इसलिए उन्होंने फैक्ट्री किराये पर दे दी।
बड़ी में मालिक की एक और फैक्ट्री
बताया जा रहा है कि विशाल जैन की बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में एक अन्य फैक्ट्री भी किराये पर है, जहां मेटल की पॉलिश बनाने का काम होता है। उनकी कई अन्य फैक्ट्रियां भी किराये पर दी हुई हैं। इस मामले के बाद फैक्ट्री किराये पर देने की प्रक्रिया और किरायेदारों के सत्यापन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
सोनीपत पुलिस करेगी अलग से जांच
डीसीपी ईस्ट आयुष यादव ने बताया कि मामले में पुलिस तथ्यों की जांच कर रही है। सोनीपत पुलिस भी अलग से जांच करेगी कि आरोपितों ने फैक्ट्री में क्या गतिविधियां संचालित कीं और कितने समय से यह काम चल रहा था। उन्होंने कहा कि सहारनपुर पुलिस की ओर से कोई मदद मांगी जाती है तो सोनीपत पुलिस पूरा सहयोग करेगी।
