Siwan AK-47 Firing: सिवान में 25 जुलाई को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान AK-47 से हुई फायरिंग के मामले में जिला प्रशासन ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। जिला अधिकारी (DM) विवेक रंजन मैत्रेय और पुलिस अधीक्षक (SP) पूरण कुमार झा ने स्पष्ट किया कि जवान द्वारा की गई फायरिंग हवाई थी और किसी भी व्यक्ति को AK-47 की गोली नहीं लगी।
सिवान AK-47 फायरिंग मामले पर DM-SP ने दिया अपना बयान
युवकों को गोली कैसा लगी इसकी जांच जारी
प्रशासन के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान जवान अभिषेक पटेल ने खुद को भीड़ से घिरा हुआ महसूस किया, जिसके बाद उसने हवाई फायरिंग की। वहीं, तीन युवकों के घायल होने की घटना की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि इन युवकों को गोली आखिर किन परिस्थितियों में लगी। घायलों में से एक युवक को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि अन्य दो की हालत स्थिर बताई गई है और वे खतरे से बाहर हैं।
जवान को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया
घटना को गंभीरता से लेते हुए संबंधित जवान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने कहा कि फिलहाल सिवान में कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
25 जुलाई को कई जिलों में हुआ प्रदर्शन
गौरतलब है कि NEET-UG पेपर लीक और राज्य में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में आहूत बिहार बंद के समर्थन में वामपंथी छात्र संगठनों के सदस्यों ने 25 जुलाई को कई जिलों में प्रदर्शन किए थे। इस दौरान कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। यह बंद पटना, सारण, सिवान, औरंगाबाद, भागलपुर, सीतामढ़ी, पूर्णिया और भोजपुर में हिंसक हो गया था, जबकि समस्तीपुर, नवादा, नालंदा, मधुबनी और शेखपुरा समेत कई जिलों में हल्के विरोध-प्रदर्शन हुए थे। पटना के डाकबंगला चौराहे पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया था, जिसके बाद पुलिस ने कई छात्रों को हिरासत में ले लिया।
तेजस्वी यादव ने लगाया पुलिस पर आरोप
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए आरोप लगाया था कि बिहार बंद के दौरान सिवान में पुलिस ने छात्रों पर एके-47 से सीधे गोलीबारी की। उन्होंने इस घटना के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को जिम्मेदार ठहराया था। तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा था, "सीवान में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों पर एके-47 से सीधे गोली चलाई। जब सात हत्या के मामलों का आरोपी मुख्यमंत्री बन जाए, तब लोकतंत्र में पुलिस निर्दोष छात्रों पर इसी तरह गोलियां चलाती है।" तेजस्वी यादव का इशारा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर था, जिन्हें वह अक्सर 'हत्या के सात मामलों के आरोपी' बताकर निशाना बनाते रहे हैं।
