श्रीनगर/जम्मू : 57 दिवसीय वार्षिक श्री अमरनाथ यात्रा 2026 का शुभारंभ श्रद्धा, उत्साह और कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच हो गया। यात्रा के पहले दिन शाम सात बजे तक 12,168 श्रद्धालुओं ने दक्षिण कश्मीर हिमालय में समुद्र तल से लगभग 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक रूप से निर्मित हिम शिवलिंग के दर्शन किए।
अमरनाथ यात्रा 2026
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार दर्शन करने वालों में 9,354 पुरुष, 2,250 महिलाएं, 219 बच्चे, 71 साधु, नौ ट्रांसजेंडर श्रद्धालु और 265 सुरक्षाकर्मी शामिल रहे। यात्रा एक साथ दो मार्गों से शुरू हुई है। इनमें अनंतनाग जिले का 48 किलोमीटर लंबा पारंपरिक नुनवान-पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले का 14 किलोमीटर लंबा लेकिन अधिक खड़ी चढ़ाई वाला बालटाल मार्ग शामिल है। यात्रा का समापन 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर पवित्र छड़ी मुबारक के गुफा मंदिर पहुंचने के साथ होगा।
दूसरे दिन 3,865 श्रद्धालुओं का नया जत्था रवाना
यात्रा के दूसरे दिन शुक्रवार तड़के जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से 3,865 श्रद्धालुओं का दूसरा जत्था दो सुरक्षा काफिलों में रवाना हुआ। अधिकारियों के मुताबिक 1,735 यात्री 115 वाहनों से बालटाल मार्ग के लिए सुबह 3:13 बजे, जबकि 2,130 श्रद्धालु 86 वाहनों से पहलगाम मार्ग के लिए 3:38 बजे रवाना हुए। पूरे काफिले में कुल 201 वाहन शामिल थे, जिन्हें सुरक्षा बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की कड़ी सुरक्षा उपलब्ध कराई गई।
इससे पहले उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को 4,822 श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को भगवती नगर आधार शिविर से रवाना किया था। दूसरे जत्थे के प्रस्थान के साथ अब तक कुल 8,687 श्रद्धालु जम्मू आधार शिविर से कश्मीर घाटी के लिए रवाना हो चुके हैं।
भगवती नगर आधार शिविर से रवाना होने से पहले श्रद्धालुओं ने "बम-बम भोले", "हर-हर महादेव" और "जय बर्फानी बाबा" के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना दिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यात्रा के लिए किए गए सुरक्षा और व्यवस्थागत इंतजामों पर संतोष भी जताया।
तय तारीख से पहले नहीं मिलेगी अनुमति
इस बीच जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी श्रद्धालु को उसकी पंजीकृत तिथि से पहले अमरनाथ यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप प्रतिदिन यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की अधिकतम संख्या निर्धारित की गई है और सुरक्षा तथा यात्रा के सुचारु संचालन के लिए इस सीमा का पालन अनिवार्य है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे पहले से पंजीकरण कराकर ही जम्मू-कश्मीर पहुंचें। तत्काल पंजीकरण के लिए स्लॉट बेहद सीमित हैं, इसलिए बिना पंजीकरण बड़ी संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को समायोजित करना संभव नहीं होगा।
साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि कई पंजीकृत श्रद्धालु अपनी निर्धारित यात्रा तिथि से पहले पहुंच रहे हैं, लेकिन निर्धारित तारीख से पहले किसी को भी यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपनी बारी का इंतजार करने और तय तिथि पर ही यात्रा करने की अपील की है। अमरनाथ यात्रा को देखते हुए जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग, भगवती नगर आधार शिविर, बालटाल, पहलगाम और यात्रा मार्ग के सभी प्रमुख पड़ावों पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। प्रशासन का कहना है कि यात्रा को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
