Traffic Jam in Shimla: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में क्रिसमस डे के मौके पर लंबा-चौड़ा जाम देखने को मिला। हालांकि अब न्यू ईयर पर ऐसा न होने की पूरी उम्मीद है क्योंकि, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने यहां पर टनल का उद्घाटन किया है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत इस टनल के तैयार होने से संजौली और ढली के बीच वाहनों की आवाजाही शुरू कर हो जाएगी। बता दें कि इसे साईं इंजीनियरिंग फाउंडेशन ने ऑस्ट्रियन तकनीक से तैयार किया है। 156.5 मीटर लंबी इस टनल के निर्माण में तकरीबन 47 करोड़ रुपये का खर्च आया है। गौरतलब है कि स्थानीय लोग और पर्यटकों की सुविधा को देखते हुए टनल के बाहर भी सड़कों का निर्माण और उनकी मरम्मत का काम कराया जा रहा है। दावा है कि, इस टनल के बनने के बाद से यातायात व्यवस्था में बदलाव तो होगा ही साथ ही साथ जाम की समस्या से भी निजात मिलेगा। फिलहाल पुरानी टनल में आवागमन से जुड़ा अभी कोई अपडेट नहीं आया, लेकिन वहां मरम्मत का काम जल्द शुरू होगा।
शिमला टनल
नई टनल की ये है विशेषताएं
सीएम सुक्खू ने जिस टनल का उद्घाटन किया है उसकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि, इसमें अंदर स्काडा सिस्टम के तहत 60 से ज्यादा एलईडी लाइटें लगाई गई हैं। जो कि अंधेरा होते ही स्वत: चालू हो जाएंगी। पावर कट के समय भी चार घंटे तक ये रोशनी देती रहेंगी। ये सुरंग 154.22 मीटर लंबी, 10.50 मीटर चौड़ी और 5.5 मीटर ऊंची है। इस टनल में एक खूबसूरत चीज ये भी है कि, इसके अंदर बने फुटपाथ की दीवारों पर हिमाचली संस्कृति से जुड़े 210 चित्र बनाए गए हैं।
अंग्रेजों ने बनवाई थी टनल
वहीं, शिमला में बनी पुरानी टनल का निर्माण 1852 में अंग्रेजों ने कराया था। इसकी लंबाई 560 फीट है। बताते हैं कि, अंग्रेजों ने जब गोरखा हमलावरों को भगाया तो शिमला को अपना आशियाना बनाया और संजौली-ढली टनल का निर्माण कराया था। 171 साल से ज्यादा पुरानी हो चुकी ये टनल मियाद खत्म कर चुकी है। तत्कालीन समय में यहां केवल घोड़ागाड़ी जाती थी, बाद में इसकी चौड़ाई में वृद्धि कराई गई।
