India 2nd Largest Expressway: देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे कौन सा है? इसमें अब कोई सस्पेंस नहीं है, क्योंकि हर कोई जानता है कि 1350 किमी लंबा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे देश का सबसे लंबा Expressway है। लेकिन क्या आप दूसरे सबसे लंबे एक्सप्रेसवे का नाम जानते हैं? हालांकि, अभी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे अभी पूरी तरह से तैयार नहीं हुआ है, इसलिए मौजूदा समय में देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे कोई और ही है।
ये है देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे
मौजूदा नंबर वन समृद्धि महामार्ग
निश्चित तौर पर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे जब बनकर तैयार हो जाएगा तो देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा। लेकिन मौजूदा समय में सबसे लंबा यानी नंबर वन एक्सप्रेसवे समृद्धि महामार्ग है, जिसे नागपुर-मुंबई एक्सप्रेसवे के नाम से भी जाना जाता है। इस एक्सप्रेसवे के आधिकारिक नाम हिंदू हृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग है। इसे महाराष्ट्र एक्सप्रेसवे-2 भी कहा जाता है।
हालांकि, अभी मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे भी पूरी तरह से तैयार नहीं हुआ है। इसको शुरुआत में 6 लेन के साथ खोला गया, जिसे बाद में 8 लेन का भी किया जा सकता है। 701 किमी लंबा यह एक्सप्रेसवे में महाराष्ट्र के दो प्रमुख शहरों या कहें दो राजधानियों मुंबई और नागपुर को करीब लाता है। नागपुर महाराष्ट्र का तीसरा सबसे बड़ा शहर भी है। महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MSRDC) ने इस एक्सप्रेसवे को बनाया जा रहा है। इस एक्सप्रेसवे का काम इसी साल जुलाई तक पूरा होने की उम्मीद है।
इन जिलों को जोड़ेगा एक्सप्रेसवे
इस पूरे प्रोजेक्ट पर 55 हजार करोड़ रुपये खर्च हुए हैं, जिसमें जमीन अधिग्रहण भी शामिल था। यह एक्सप्रेसवे सीधे-सीधे महाराष्ट्र के 10 जिलों से गुजरता है, हालांकि 14 जिलों को इसका फायदा पहुंचता है। जिन 10 जिलों से मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे गुजरता है, उनके नाम हैं - नागपुर, वर्धा, अमरावती, वाशिम, बुल्ढ़ाना, जालना, औरंगाबाद, नासिक, अहमदनगर और ठाणे। इसके अलावा चंद्रपुर, भंडारा, गोंदिया, गढ़चिरोली, यवतमाल, अकोला, हिंगोली, परभनी, नांदेड़, बीड़, धुले, जलगांव, पालघर और रायगढ़ को भी इस एक्सप्रेसवे से लाभ मिलेगा।
मुंबई नागपुर एक्सप्रेसवे
देश को जोड़ेगा मुंबई नागपुर एक्सप्रेसवे
मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे देश को जोड़ने का काम करेगा। यह दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (Delhi-Mumbai Industrial Corridor) से भी जुड़ेगा। इसके अलावा बेंगलुरू-चेन्नई कॉरिडोर (Bengaluru-Chennai Economic Corridor), वेस्टर्न डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर (Western Dedicated Freight Corridor), ईस्टर्न डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर (Eastern Dedicated Freight Corridor), चेन्नई-वाइजेग इकोनॉमिक कॉरिडोर (Chennai-Vizag Economic Corridor) और स्वर्ण चतुर्भुज (Golden Quadrilateral) को भी कनेक्ट करेगा। मुंबई पोर्ट के अलावा यह एक्सप्रेसवे कांदला, मर्मुगोवा, न्यू मंगलोर, कोच्ची, चेन्नई, विशाखापट्टनम और एन्नोर सी-पोर्ट को भी इंडायरेक्टली जोड़ेगा।
