ISKCON Temple: वृंदावन के इस्कॉन मंदिर का विस्तारीकरण किया जा रहा है। इस मंदिर को देश का दूसरा सबसे बड़ा और भव्य इस्कॉन मंदिर बनाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए वर्तमान मंदिर का स्वरूप बदल कर इसे मोर पंख के डिजाइन में बनाया जा रहा है। मंदिर का विस्तारकरण 2 लाख स्क्वायर फीट में होगा। जिसके लिए वर्तमान मंदिर की डिजाइन बदलने का काम शुरू कर दिया गया है। मंदिर के विस्तारीकरण की कुल लागत 100 करोड़ रुपये प्रस्तावित की गई है। मंदिर के नए डिजाइन को देश की बड़ी आर्किटेक्ट इंजीनियर स्वर्णा भल्ला द्वारा तैयार किया गया है। वे संसद भवन का मैप तैयार करने वाली टीम में भी शामिल रह चुकी हैं।
वृंदावन का इस्कॉन मंदिर (फोटो साभार - ट्विटर)
कृष्ण-बलराम को समर्पित है मंदिर
देश का सबसे बड़ा इस्कॉन टेंपल पश्चिम बंगाल के मायापुर में है। जिसके बाद दूसरा सबसे बड़ा इस्कॉन मंदिर वृंदावन का बनने जा रहा है। इस मंदिर के विस्तारीकरण के लिए 100 सालों का प्लान तैयार किया गया है। मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए इसका विस्तार किया जा रहा है। वृंदावन का इस्कॉन मंदिर भगवान कृष्ण और बलराम को समर्पित है, इस कारण इसे कृष्ण-बलराम मंदिर भी कहा जाता है।
विस्तारीकरण में नहीं बदेला का कृष्ण-राधा का स्थान
वृंदावन का इस्कॉन मंदिर 20 अप्रैल 1975 को बनकर तैयार हुआ था। जिसके बाद अब 2 लाख स्क्वायर फीट में इसका विस्तार किया जा रहा है। इसके तहत ग्राउंड के ऊपर दो माले का भवन बनाया जा रहा है। साथ ही बेसमेंट को भी तैयार किया जा रहा है। इसी नए भवन में रेस्टोरेंट को शिफ्ट किया जाएगा। इसके अलावा म्यूजियम का भी विस्तार किया जाएगा। विस्तारीकरण के दौरान श्रीकृष्ण और राधारानी के स्थान में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। वहीं नए भवन में भव्य तरीके से कृष्ण-बलराम हॉल बनाया जाएगा।
