आम आदमी पार्टी (AAP) ने जनकपुरी में सड़क पर खोदे गए गड्ढे में गिरकर 25 वर्षीय युवक कमल ध्यानी की मौत के बीच दिल्ली सरकार द्वारा अपने एक साल पूरे होने का जश्न मनाए जाने पर कड़ा विरोध जताया है। AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि एक तरफ रामलीला मैदान में सरकार ढोल-नगाड़ों के साथ उपलब्धियां गिना रही है, वहीं दूसरी ओर जनकपुरी में एक मां अपने बेटे को खोने का दर्द झेल रही है।
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अब तक मृतक के परिवार से मिलने नहीं गईं। उन्होंने कहा कि एक महिला और मां होने के बावजूद मुख्यमंत्री का पीड़ित परिवार से न मिलना असंवेदनशील रवैया दिखाता है। उनका कहना था कि हादसे के बाद अभी चिता भी ठंडी नहीं हुई है और सरकार रामलीला मैदान में अपने कार्यकाल का जश्न मना रही है।
AAP नेता के मुताबिक, कमल ध्यानी रोहिणी से अपने घर लौट रहा था, तभी जनकपुरी में सड़क पर मौजूद खुला गड्ढा दिखाई नहीं दिया। मौके पर कोई बैरिकेडिंग नहीं थी, जिसके चलते वह बाइक समेत गड्ढे में गिर गया। रात भर वह वहीं पड़ा रहा और बाद में उसकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम 6 फरवरी को हुआ, लेकिन अब तक रिपोर्ट सामने नहीं आई है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि एफआईआर से ठेकेदार का नाम हटाया गया है और पुलिस एक मजदूर को जिम्मेदार ठहराकर उसे पकड़ने में लगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री प्रवेश वर्मा और आशीष सूद ने सुरक्षा व्यवस्था होने के दावे किए, जबकि परिवार और स्थानीय लोगों ने बैरिकेडिंग न होने की बात कही है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब छह थानों में शिकायत तक दर्ज नहीं की गई, तो क्या यह ऊपर से दिए गए निर्देशों का नतीजा है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सतीश गोलचा अपने एसएचओ को कहते हैं कि शिकायत दर्ज नहीं करनी है और सतीश गोलचा को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह यही कहते हैं। इसमें अब कोई दो राय नहीं बची है। अगर ऐसा न होता तो अब तक पुलिस के एसएचओ या सतीश गोलचा के ऊपर कार्रवाई हो चुकी होती। लेकिन किसी पर कार्रवाई नहीं हुई क्योंकि गृह मंत्री अमित शाह के स्तर पर कहा गया है कि आंकड़ों को कम रखना है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा का मकसद अपराध को कम करना नहीं, बल्कि अपराध के आंकड़ों को कम करना है। एक्यूआई को कम करना है, प्रदूषण को नहीं। नकली यमुना बनानी है, असली यमुना को साफ नहीं करना है। यह फर्जीवाड़े की लेबोरेटरी गुजरात से शुरू हुई थी और आज पूरे देश में लागू है। हर चीज में फर्जीवाड़ा, हर चीज में फ्रॉड और डेटा में फर्जीवाड़ा करके देश को चलाने की कोशिश की जा रही है।
