Akhilesh Meets Azam Khan: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गुरुवार को वरिष्ठ सपा नेता आजम खान से मिलने रामपुर पहुंचे। अखिलेश यादव का हेलिकॉप्टर जौहर यूनिवर्सिटी परिसर स्थित हेलीपैड पर उतरा, जहां आजम खान के परिवारजनों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद अखिलेश यादव सीधे रामपुर जिला जेल पहुंचे, जहां उन्होंने आजम खान से मुलाकात की। जेल में आजम खान से मुलाकात के बाद अखिलेश यादव उनके आवास पर गए, जहां परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की।
अखिलेश ने की आजम खान से मुलाकात (फाइल फोटो)
आजम थे, आजम हैं, आजम रहेंगे...
अखिलेश ने कहा, मैं आदरणीय आजम खान साहब से मिलकर के आ रहा हूं। आजम थे, आजम हैं, आजम रहेंगे। और इतना अन्याय किसी परिवार के ऊपर नहीं हुआ होगा, किसी पॉलिटिकल परिवार के ऊपर इतना अन्याय नहीं हुआ होगा, जितना आदरणीय आजम ख़ान साहब के परिवार के ऊपर हुआ है। और अन्याय करने वाले कौन हैं?
अखिलेश ने कहा, जो षड्यंत्रकारी होते हैं और जो दूसरों को हमेशा परेशान करते हैं उनके मन में एक डर बना रहता है। सच्चाई तो यह है कि भारतीय जनता पार्टी को ना पढ़ाई-लिखाई से कोई लेना-देना है, ना कहीं इल्म से लेना-देना है...ना यूनिवर्सिटी को लेकर के उन्हें कोई चिंता है। यूनिवर्सिटी जो बर्बाद की है सही मायने में कि यूनिवर्सिटी को बर्बाद करने के लिए जो साजिश और षड्यंत्र रचा गया है, शायद धरती पर शिक्षा के क्षेत्र को इतना बर्बाद करने के लिए किसी सरकार या किसी तानाशाह सरकार ने नहीं किया होगा।
हम पहली बार रामपुर नहीं आए हैं...
जहां तक ओवैसी के रामपुर आने की बात है, तो हम पहली बार रामपुर नहीं आए हैं। रामपुर से हमारा रिश्ता सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक भी है। फर्जी मुकदमों में इतनी ताकत नहीं होती कि वे सच्चाई को कैद करके रख सकें। समय लग सकता है, थोड़ी देरी हो सकती है, लेकिन सच्चाई को हमेशा के लिए दबाया नहीं जा सकता।
जो लोग षड्यंत्र करते हैं और दूसरों को परेशान करते हैं, उनके मन में हमेशा यह डर रहता है कि कहीं न कहीं सच्चाई उजागर हो जाएगी। जो लोग सच्चाई जानते हैं, वे जानते हैं कि एक न एक दिन सच्चाई सामने आएगी। जब ऐसा होगा, तो उन्हें समाज, देश और कानून के सामने जवाब देना पड़ेगा। रामपुर में जिस तरह रामराज्य की भावना को कुचला जा रहा है, वह सबके सामने है। सच्चाई यह है कि आदरणीय आज़म ख़ान साहब और समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए काम कर रहे हैं।
इस यूनिवर्सिटी को बर्बाद करने के लिए कई साजिश रची गई। फर्जी मुकदमे में इतनी ताकत नहीं है कि किसी को हमेशा कैद रख सके समय लग सकता है लेकिन यह सब ध्वस्त होंगे सच्चाई सामने आएगी। भ्रष्ट अधिकारी फर्जी मुकदमे दर्ज कराने के लिए हथियार बन रहे हैं। लेकिन अब धीरे-धीरे अधिकारी भी उनका साथ छोड़ रहे हैं।
ओवैसी के बयान पर अखिलेश यादव का जवाब
देखिए, जब हम रामपुर आए हैं, तो आपने भी देखा होगा कि रावण ने भी एक दिन के लिए अपनी वेशभूषा बदली थी। रावण भी भेष बदलकर सीता माता को अपने साथ ले गया था। लेकिन यहां तो इतने वर्षों से भेष बदला हुआ है। पीलीभीत में वोटरों के नाम कटने और अधिकारियों के तबादले को लेकर सवाल पर। देखिए, मैं यह कहना चाहता हूं कि आदरणीय आजम खान साहब का विश्वविद्यालय बनाने का जो सपना था, जो शिक्षा और युवाओं का भविष्य संवारने से जुड़ा था, उस सपने को पूरा करने का काम समाजवादी पार्टी के लोग करेंगे।
अखिलेश ने कहा चुनाव को लेकर हमारे गठबंधन के सहयोगियों से बातचीत हुई है। उस संबंध में एक सूची भी मैं चर्चा के दौरान लेकर आया हूं।
सवाल: क्या उस सूची पर सहमति बन पाई है?
अखिलेश: बिल्कुल, मैंने इस पर चर्चा की है।
सवाल: आजम खान साहब की तबीयत कैसी है?
अखिलेश: उनकी तबीयत बेहतर है, लेकिन जेल में रहने के दौरान जो परेशानियां हुई हैं, उनका असर तो रहेगा ही।
सवाल: क्या आप उनके परिवार से भी मुलाकात करेंगे?
अखिलेश: हां, मैं अभी उनके परिवार से भी मिलने जा रहा हूं।
सवाल: विपक्ष कह रहा है कि अखिलेश यादव को ऐसे समय में आज़म ख़ान की याद आई है?
अखिलेश: आपने हाल ही में देखा होगा कि समाजवादी पार्टी वर्ष 2022 से ही लगातार आरोप लगा रही है कि चुनाव आयोग बीजेपी के साथ मिला हुआ है। अब धीरे-धीरे यह बात साफ होती जा रही है कि चुनाव आयोग सीधे तौर पर बीजेपी के साथ मिला हुआ है।
सवाल: क्या रामपुर सीट को लेकर भी कोई बातचीत हुई है?
अखिलेश: मेरी उनसे काफी लंबी बातचीत हुई है। इस संबंध में एक बड़ी सूची भी है
