साकेत इमारत हादसा: मलबे में दबी किताबें और लैपटॉप, टूटे सपने, महीनों की मेहनत पलभर में हुई तबाह

Saket Building Collapse: दिल्ली के साकेत में इमारत गिरने की घटना ने कई छात्रों की जिंदगी को झकझोर दिया। हादसे में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए। इस घटना ने इलाके की इमारतों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Saket Building Collapse: दक्षिण दिल्ली के साकेत इलाके में बहुमंजिला इमारत गिरने की घटना ने कई परिवारों और छात्रों को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस हादसे में छह लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। लेकिन यह हादसा सिर्फ एक इमारत के गिरने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके साथ कई छात्रों के सपने, मेहनत और भविष्य की योजनाएं भी प्रभावित हो गईं। जिस इमारत के ढहने (Saket Imarat Hadsa) की घटना हुई, वहां और उसके आसपास कई कोचिंग संस्थान, पुस्तकालय, छात्रावास और भोजनालय मौजूद हैं। यहां देश के अलग-अलग राज्यों से आए छात्र मेडिकल, इंजीनियरिंग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।

saket imarat hadsa

मलबे में दबे छात्रों के सपने, दोस्तों को खोने का दर्द (फोटो: एआई)

विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट (FMG), नीट, गेट और अन्य परीक्षाओं की तैयारी करने वाले सैकड़ों छात्र इस इलाके में रहते और पढ़ाई करते हैं। पीटीआई भाषा के मुताबिक, हादसे के समय पास के एक पुस्तकालय में पढ़ रहे कई छात्रों ने उस भयावह पल को याद किया। झारखंड के बोकारो से आए एक छात्र ने बताया कि घटना के दौरान उन्हें हल्का कंपन महसूस हुआ था। कुछ ही क्षणों बाद पूरी इमारत ढह गई। उन्होंने इस हादसे में अपने एक करीबी दोस्त को खो दिया, जिससे वह बेहद दुखी हैं। कई छात्रों का कहना है कि हादसे के समय आसपास के पुस्तकालयों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद थे।

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