पटना : लालू यादव के इस बंगले पर विवाद, जांच कराने की तैयारी में सरकार; जानें क्या है माजरा

जेडीयू ने आरोप लगाया है कि लालू यादव ने नियमों का उल्लंघन कर सरकार की तरफ से विधायकों-सांसदों के लिए कोऑपरेटिव सोसाइटी को दी गई जमीन में से अपनी पार्टी के करीबी विधायकों/पार्षदों के नाम आवंटित जमीन को अपने नाम ट्रांसफर या खरीद लिया. जबकि नियम के अनुसार कोऑपरेटिव सोसाइटी में एक विधायक को सिर्फ एक ही प्लॉट मिलना था.

पटना : लालू यादव का पटना के कौटिल्य नगर वाला बंगला विवादों में आ गया है। जेडीयू ने आरोप लगाया है कि लालू यादव ने नियमों का उल्लंघन कर सरकार की तरफ से विधायकों-सांसदों के लिए कोऑपरेटिव सोसाइटी को दी गई जमीन में से अपनी पार्टी के करीबी विधायकों/पार्षदों के नाम आवंटित जमीन को अपने नाम ट्रांसफर या खरीद लिया, जबकि नियम के अनुसार कोऑपरेटिव सोसाइटी में एक विधायक को सिर्फ एक ही प्लॉट मिलना था, लेकिन लालू यादव ने अपने आसपास के पांच प्लॉट को लेकर अपने प्लॉट से मिला लिया और अभी इसी जमीन पर लालू का बंगला बन रहा है।

पटना : लालू यादव के इस बंगले पर विवाद, जांच कराने की तैयारी में सरकार; जानें क्या है माजरा

जेडीयू के अलावा एक सामाजिक कार्यकर्ता विकास चंद्र उर्फ़ गुड्डू बाबा ने भी इस मामले की जांच की मांग डिप्टी सीएम और मुख्य सचिव को पत्र लिखकर की है. गुड्डू बाबा ने ही 2016 में जनप्रतिनिधियों को हुए जमीन आवंटन पर कोर्ट में याचिका दाखिल कर सवाल उठाया था जिसकी सुनवाई अभी जारी है। लालू-राबड़ी की इस जमीन पर पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने अपनी किताब लालू लीला में भी विस्तार से लिखा है. इस किताब में भी सुशील मोदी (जिनकी कल जयंती मनाई गयी) उन्होने जांच पड़ताल के बाद ये लिखा था कि लालू यादव को एक प्लॉट अलॉट हुआ था और चार मंत्री-विधायकों को आवंटित जमीन भी काफी कम क़ीमत पर लालू यादव ने अपने नाम लिखवा लिया।

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