तेलंगाना में आवारा कुत्तों पर क्रूरता; मेनका गांधी की बहन समेत कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने किया विरोध प्रदर्शन

तेलंगाना में आवारा कुत्तों और बंदरों की कथित हत्या की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में जगित्याल और अन्य जिलों में सैकड़ों कुत्तों को मारने की रिपोर्टें सामने आई हैं, जिससे पशु अधिकार कार्यकर्ता गंभीर रूप से चिंतित हैं। राजधानी दिल्ली में भी इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें इस क्रूरता के खिलाफ संदेश मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की मांग की गई।

Telangana Stray Dog Killings: तेलंगाना में आवारा कुत्तों को कथित तौर पर मारने की घटनाओं का सिलसिला जारी है। हाल ही में जगित्याल जिले में लगभग 300 कुत्तों को मार दिए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। पशु अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि राज्य में अब तक इस तरह की घटनाओं में मारे गए कुत्तों की संख्या लगभग 900 तक पहुंच चुकी है। आरोप है कि यह कृत्य कुछ निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, जिनमें ग्राम पंचायत के सरपंच भी शामिल हैं, के इशारे पर किया गया। बताया जा रहा है कि यह कदम दिसंबर में हुए ग्राम पंचायत चुनावों से पहले ग्रामीणों से किए गए वादों के अनुसार उठाया गया।

Telangana Stray Dog Killings

विरोध प्रदर्शन के दौरान मेनका गांधी की बहन अंबिका शुक्ला (फोटो: ANI)

जहरीले इंजेक्शन से मारा गया

ताजा मामला 22 जनवरी को पेगाडापल्ली गांव का है, जहां शिकायत दर्ज कराई गई कि लगभग 300 आवारा कुत्तों को जहरीले इंजेक्शन से मार दिया गया। शिकायत में गांव के सरपंच और ग्राम पंचायत सचिव को जिम्मेदार ठहराया गया। आरोप है कि सरपंच ने कुत्तों को मारने के लिए कुछ लोगों को यह काम सौंपा था। पुलिस ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबंधित धाराओं और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। निरीक्षक सी. किरण ने बताया कि जांच के दौरान कब्र से लगभग 70-80 कुत्तों के शव बरामद किए गए, जो करीब तीन से चार दिन पहले दफनाए गए थे। उन्होंने कहा कि फिलहाल आरोपियों की संलिप्तता की पुष्टि नहीं की जा सकती और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

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