Atishi VS Rekha Gupta : दिल्ली सरकार के गठन के दूसरे दिन ही आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। दिल्ली की पूर्व सीएम आतिशी ने कहा है कि अपनी कैबिनेट की पहली बैठक में महिला सम्मान योजना को लागू न कर भाजपा ने दिल्ली की महिलाओं के साथ धोखा किया है। इसका जवाब दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने दिया। सीएम ने कहा कि आतिशी को यह बताने की जरूरत नहीं है कि हमारी सरकार को कौन का साम करना चाहिए। हर महिला को प्रत्येक महीने 2500 रुपए देने का एजेंडा हमारा है, उनका नहीं। उन्हें अपने काम पर ध्यान देना चाहिए।
दिल्ली में 27 साल बाद बनी है भाजपा की सरकार
ये हमारे एक दिन के काम पर सवाल खड़े कर रहे-रेखा गुप्ता
मीडिया से बातचीत में गुप्ता ने कहा, 'यह हमारी सरकार है। एजेंडा भी हमारा होगा। वह हमें काम करने दें। उन्हें हर चीज हमें बताने की जरूरत नहीं है। सत्ता में रहते हुए उन्होंने जो करना था, वह कर चुकी हैं। कांग्रेस ने दिल्ली में 15 साल और आप ने 13 साल राज किया। इन सालों में अपने काम की तरफ देखने की बजाय क्या वे हमारे एक दिन के काम पर सवाल कर सकते हैं?'
आठ मार्च तक पहली किस्त देनी चाहिए-आतिशी
आतिशी ने कहा, 'चुनावों से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा नेताओं और खुद गुप्ता ने दिल्ली की महिलाओं से वादा किया था कि हर महीने उनके खातों में 2,500 रुपये भेजे जाएंगे। भाजपा ने कहा है कि यह योजना पहली कैबिनेट बैठक में पारित कर दी जाएगी और पहली किस्त आठ मार्च को भेज दी जाएगी।' आप विधायक ने कहा कि यहां तक कि प्रधानमंत्री ने भी कहा है कि राजधानी की हर महिला को अपने बैंक खाते को अपने मोबाइल फोन से जोड़ना चाहिए, ताकि उन्हें आठ मार्च को संदेश मिल सके।
'उम्मीद है कि भाजपा वादा पूरा करेगी'
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘आज नई (भाजपा) सरकार बनी है और इसकी पहली बैठक शाम को होगी। मैं भाजपा सरकार से मांग करती हूं कि वह इस योजना को (बैठक में) पारित करे। दिल्ली की महिलाएं इस मामले पर निर्णय होने का इंतजार कर रही हैं ताकि वादे के मुताबिक आठ मार्च को पहली किस्त मिल जाए। मुझे उम्मीद है कि आज की कैबिनेट बैठक में भाजपा और गुप्ता अपना वादा पूरा करेंगे।'
गुरुवार को सीएम पद की ली शपथ
शालीमार बाग से पहली बार विधायक गुप्ता ने बृहस्पतिवार दोपहर रामलीला मैदान में आयोजित एक भव्य समारोह में दिल्ली की मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। मंत्रिपरिषद के साथ शपथ लेने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री दिल्ली सचिवालय गईं, जहां उन्होंने सरकारी अधिकारियों और भाजपा नेताओं से मुलाकात की।
