मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के बिलपांक थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हतनारा में मोहर्रम के मौके पर एक बेहद दर्दनाक और बड़ा हादसा सामने आया है। यहां मोहर्रम का जुलूस निकालते समय एक ताजिया ऊपर से गुजर रही 11KV हाई टेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गया। तार छूते ही उसे उठा रहे लोगों में तेज करंट फैल गया, जिससे मौके पर भीषण अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। करंट की चपेट में आने से करीब एक दर्जन लोग गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें तत्काल रतलाम मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि 9 लोगों का इलाज अभी जारी है। मृतकों की पहचान रशीद खान, सड्डू हुसैन और अरबाज खान के रूप में हुई है।
हतनारा गांव में मोहर्रम जुलूस के दौरान हुआ हादसा
ताजिया उठाते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, ग्राम हतनारा में पारंपरिक रूप से मोहर्रम का जुलूस निकाला जा रहा था। जब अकीदतमंद ताजिये को उठाकर आगे बढ़ा रहे थे, तभी उसका ऊपरी हिस्सा गांव के बीचों-बीच से गुजर रही हाई टेंशन लाइन के सीधे संपर्क में आ गया। करंट इतना जोरदार था कि ताजिये को पकड़े हुए लोग गंभीर रूप से झुलस गए। स्थानीय निवासियों और पुलिस प्रशासन की मदद से सभी घायलों को बिना वक्त गंवाए रतलाम के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम घायलों को बचाने में जुटी हुई है।
ग्रामीणों का गंभीर आरोप
इस भयावह हादसे के बाद बिजली विभाग (MPEB) के खिलाफ स्थानीय लोगों और पीड़ितों के परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा है। अस्पताल पहुंचे घायलों के रिश्तेदार सुल्तान खान और स्थानीय निवासी जावेद मेव ने बिजली कंपनी पर सीधे तौर पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहला है कि हर साल इसी रास्ते से मोहर्रम का जुलूस और ताजिया निकाला जाता है। परंपरा के अनुसार, हर साल MPEB के लाइनमैन हमारे जुलूस के साथ तैनात रहते हैं। इस बार भी लाइनमैन हमारे साथ मौजूद थे। हर बार जब ताजिया उठाया जाता है, तो एहतियातन ऊपर की हाई टेंशन लाइन को बंद किया जाता है। लेकिन इस बार लाइनमैन के साथ होने के बावजूद बिजली बंद नहीं की गई। ग्रामीणों ने यह भी शिकायत की है कि गांव के बीच से गुजर रही यह 11 केवी की हाई टेंशन लाइन बेहद नीचे लटकी हुई है। इसके नीचे से सामान्य बस या ट्रक भी सुरक्षित नहीं गुजर सकते। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस खतरनाक बिजली पोल को यहां से हटाकर लाइन को गांव के बाहर एक तरफ शिफ्ट किया जाए।
पुलिस और प्रशासन मुस्तैद, हर पहलू की हो रही जांच
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर और अस्पताल में तैनात हैं। रतलाम के एडिशनल एसपी (ASP) विवेक कुमार लाल ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस टीम सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंच गई थी। एडिशनल एसपी विवेक कुमार लाल ने स्पष्ट किया, करंट लगने से झुलसे कुल 12 लोगों को अस्पताल लाया गया था, जिनमें से 3 की दुखद मृत्यु हो गई है। बाकी 9 घायलों का रतलाम मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। ग्रामीणों द्वारा लगाए गए लापरवाही के आरोपों सहित घटना के हर तकनीकी और कानूनी पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है, जो भी दोषी पाया जाएगा उस पर सख्त कार्रवाई होगी।
