देश के हर कोने में मानसून पहुंच गया है और बारिश से लगभग हर इलाका तर हो रहा है। बारिश ने प्रचंड गर्मी से राहत दिलाई है। लेकिन हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी इलाकों में बादल फटने और बाढ़ के कारण हालात बिगड़ भी गए हैं। लेकिन झारखंड में बारिश के बाद जहां जंगलों की खूबसूरती बढ़ गई है, वहीं झरने पर्यटकों को अपनी तरफ खींच रहे हैं। झरनों की खूबसूरती हर किसी को मोहित कर रही है। ऐसा ही एक खूबसूरत झरना बारिश के इस मौसम में और भी खूबसूरत हो गया है।
यह झरना झारखंड की राजधानी रांची से करीब 200 किमी दूर है। जी हां, लोध जलप्रपात यानी झरने तक आप सड़क मार्ग से भी पहुंच सकते हैं। झारखंड के लातेहार में लगातार हो रही तेज बारिश के चलते यहां झरनों की खूबसूरती गई गुना बढ़ गई है। लातेहार के लोध जलप्रपात के साथ ही सुग्गा जलप्रपात, मिर्चाइया जलप्रपात और नैना जलप्रपात आदि को देखने के लिए इस मौसम में पर्यटकों की भीड़ उमड़ रही है।
ज्ञात हो की लोध जलप्रपात झारखंड का सबसे ऊंचा झरना है, जो 143 मीटर की ऊंचाई से गिरता है। यह झरना लातेहार के महुआडांड़ प्रखंड में मौजूद है। बूढ़ा नदी लोध गांव के पास ऊंची पहाड़ियों से नीचे गिरती है और एक खूबसूरत झरने को जन्म देती है। 143 मीटर की ऊंचाई से गिरने के कारण यहां पानी का शोर भी काफी ज्यादा होता है।
लोध जलप्रपात के मन-मोहक दृश्य को देखने के लिए देश के तमाम हिस्सों से पर्यटक यहां पहुंचते हैं। बारिश के इस मौसम में झारखंड ही नहीं, बिहार और बंगाल से भी टूरिस्ट यहां आते हैं।
