Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची में एक ठग गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। यह गिरोह विदेशी नागरिकों को अपना शिकार बनाता था। अब तक कई देशों के लोग इसके झांसे में फंस चुके हैं और ठगी के शिकार बन गए हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि इस गिरोह के पास तीन लाख से अधिक लोगों का पर्सनल डेटा मौजूद था, जिससे वह लोगों को अपना शिकार बनाता था।
साईबर अपराध।
विदेशी नागरिकों को बनाता था शिकार
अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने रांची के किशोरगंज से इस गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को ऑस्ट्रेलियाई टेलीकम्यूनिकेशन कंपनी और ब्रिटिश टेलीकॉम कंपनी से जुड़ा हुआ बताता था और विदेशी नागरिकों से ठगी करता था। वह विदेशी नागरिकों को फोन करता और इंटरनेट स्पीड फिक्स करने के बहाने उसे अपना शिकार बना लेता था।
विदेशी नागरिकों के डेटा का इस्तेमाल
आरोप है कि वह विदेशी नागरिकों को प्रताड़ित करता था, जिससे विदेशी नागरिक उसे पैसे भेज देते थे। इस काम के लिए वह तीन लाख से अधिक विदेशी नागरिकों के पर्सनल डेटा का उपयोग करता था। इसमें उसके फोन नंबर, नाम, पता समेत कई अन्य गोपनीय जानकारी शामिल हैं।
कई चीजें बरामद
बताया गया कि ठगी के मामले में दो मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही गिरोह जहां से कॉल सेंटर चलाता था, वहां से पांच लैपटॉप, 27 कम्पयूटर, चार पेन ड्राइव, सात मोबाइल, नियुक्ति पत्र, पांच क्रेडिट कार्ड समेत कई अन्य चीजें बरामद जब्त की हैं।
जानकारी के अनुसार, शुरुआत में इस कॉल सेंटर का संचालन रांची से होता था, लेकिन बाद में इसे गोरखपुर शिफ्ट कर दिया गया। वहां जब इस पर कार्रवाई हुई तो फिर से इसे रांची शिफ्ट कर दिया गया और पिछले एक साल से विदेशी नागरिकों के साथ ठगी करता था।
