Ranchi Student Protest: झारखंड की राजधानी रांची का जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम इन दिनों राज्य के प्रतियोगी छात्रों के संघर्ष का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित धांधली के विरोध में अभ्यर्थी पिछले दस दिनों से लगातार धरने पर बैठे हुए हैं। इस आंदोलन को अब राष्ट्रीय और सामाजिक स्तर पर भी समर्थन मिलने लगा है। CJP के अभिजीत दिपके ने प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत कर उनके मुद्दों का समर्थन किया और कहा कि CJP झारखंड के छात्रों की न्यायसंगत मांगों के साथ मजबूती से खड़ा है।
रांची में छात्रों का हुंकार (फाइल फोटो)
रविवार को आंदोलन के 10वें दिन छात्रों ने स्टेडियम से लेकर फिरायालाल चौक तक एक विशाल मशाल जुलूस निकाला और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अपनी वर्षों की मेहनत के बाद भी अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे छात्रों का कहना है कि जब परीक्षा प्रक्रिया में ही गड़बड़ी है, तो उसकी सजा अभ्यर्थियों को क्यों दी जा रही है। छात्र अब राज्य पुलिस या सीआईडी की जांच पर भरोसा नहीं जता रहे हैं। उनकी स्पष्ट मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सीबीआई (CBI) से कराई जाए, विवादित जेपीएससी परीक्षा को तुरंत रद्द किया जाए और आयोग के कामकाज में व्यापक सुधार लागू किए जाएं।
धरना स्थल पर सैकड़ों छात्र दिन-रात खुले आसमान के नीचे डटे हुए हैं। तेज बारिश और खराब मौसम के बावजूद छात्र पीछे हटने को तैयार नहीं हैं और तिरपाल के सहारे रात गुजार रहे हैं। अभ्यर्थियों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि दस दिन बीत जाने के बाद भी सरकार का कोई मंत्री या विधायक उनसे मिलने नहीं आया, जो यह दर्शाता है कि सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर नहीं है।
अब यह आंदोलन केवल छात्रों तक सीमित न रहकर राजनीतिक रूप भी लेने लगा है। 6 अगस्त को JLKM और 7 अगस्त को आइसा (AISA) ने इसी मुद्दे को लेकर झारखंड विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। सरकार की तरफ से संवाद की पहल न होने के कारण छात्रों का रुख और कड़ा होता जा रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि लगातार बढ़ रहे इस जनाक्रोश पर राज्य सरकार क्या कदम उठाती है।
