Ram Temple Donation Theft Case: अयोध्या स्थित राम मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से दिए गए चढ़ावे के गबन से जुड़े मामले में गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपियों को फिलहाल राहत नहीं मिली है। अदालत ने शुक्रवार को उनकी न्यायिक हिरासत 21 सितंबर तक बढ़ा दी। मामले की अगली सुनवाई भी इसी तारीख को होगी।
पुलिस को जांच रिपोर्ट और केस डायरी पेश करने का आदेश दिया गया
भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट ने न्यायिक हिरासत बढ़ाने का आदेश दिया
आरोपियों के अधिवक्ता कुल शेखर सिंह ने समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा को यह जानकारी दी। अधिवक्ता के मुताबिक, अयोध्या की भ्रष्टाचार निवारण अदालत के विशेष न्यायाधीश रजत वर्मा ने न्यायिक हिरासत बढ़ाने का आदेश दिया। सुनवाई के दौरान अदालत ने जांच से संबंधित केस डायरी अगली तारीख पर पेश करने के लिए पुलिस को निर्देशित किया है। इसके साथ ही जांच अधिकारी को केस डायरी के साथ जांच रिपोर्ट भी अदालत के सामने प्रस्तुत करने को कहा गया है।
जमानत याचिकाओं पर सुनवाई कई बार टल चुकी
आरोपियों के वकील ने बताया कि इससे पहले उनकी जमानत याचिकाओं पर सुनवाई कई बार टल चुकी है। उनका कहना है कि जांच अधिकारी अदालत में जांच रिपोर्ट पेश नहीं कर पाए थे, जिसके कारण जमानत अर्जियों पर आगे की कार्यवाही नहीं हो सकी। अब अदालत ने जांच अधिकारी को अगली सुनवाई में आवश्यक दस्तावेज और रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। कुल शेखर सिंह के अनुसार, अगर पुलिस 21 सितंबर को भी केस डायरी अदालत में पेश करने में विफल रहती है, तो आरोपियों की ओर से जमानत के लिए नया आवेदन दाखिल किया जाएगा।
अब तक 79.85 लाख रुपये की बरामदगी की बात सामने आई
इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, राम शंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामाशंकर उर्फ टिन्नू यादव के रूप में हुई है। मामला राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे के गबन से संबंधित है। जांच के दौरान अब तक 79.85 लाख रुपये की बरामदगी की बात सामने आई है। मामले में आगे की कार्रवाई अदालत में होने वाली सुनवाई और पुलिस की जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।
