राम मंदिर चंदा चोरी मामला : आरोपियों के वकील का दावा- गलत BNS धाराओं में हुआ एक्शन; गलत धाराओं में फंसा रही पुलिस

अयोध्या राम मंदिर चंदा हेराफेरी मामले में आरोपियों के वकील ने पुलिस पर गलत BNS धाराएं लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने चोरी और गबन की धाराएं एक साथ लगाने पर सवाल उठाए और आजीवन कारावास वाली धारा को भी अनुचित बताया। अदालत ने फैसला सुरक्षित रखते हुए अगली सुनवाई 2 सितंबर तय की।

अयोध्या : राम मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी के मामले में आरोपियों के वकील ने मंगलवार को विशेष अदालत में पुलिस की जांच और एफआईआर में लगाई गई धाराओं पर सवाल उठाए। बचाव पक्ष ने दावा किया कि पुलिस ने मामले में चोरी और गबन, दोनों से जुड़ी धाराएं लगा दी हैं, जबकि ये दोनों धाराएं एक साथ लागू नहीं हो सकतीं। आरोपियों की ओर से पेश अधिवक्ता कुल शेखर सिंह ने अयोध्या की विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) राजत वर्मा की अदालत में अपनी दलीलें रखीं। उन्होंने कहा कि आरोपियों पर ऐसी धाराएं भी लगाई गई हैं, जिनमें आजीवन कारावास का प्रावधान है।

Ram Mandir

राम मंदिर दान चोरी मामला।

वकील ने दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार आजीवन कारावास जैसी कठोर सजा का प्रावधान ऐसे मामलों में लागू नहीं किया जा सकता, जहां आरोपी आदतन अपराधी हों या पहले किसी अपराध में दोषी ठहराए जा चुके हों। बचाव पक्ष के मुताबिक, इस मामले में आरोपी पहली बार अपराध के आरोपों का सामना कर रहे हैं।

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