यूपी सरकार ने राम मंदिर चंदा चोरी मामले की जांच के लिए नई SIT का गठन किया है। सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देशों और दिशा-निर्देशों का अनुपालन करते हुए राज्य सरकार ने इस संवेदनशील मामले की निष्पक्ष जांच के लिए नई SIT में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को शामिल किया है। शासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, नई गठित जांच टीम में पुलिस महानिरीक्षक (IG) किरण एस, अयोध्या रेंज के उप पुलिस महानिरीक्षक (DIG) सोमेन वर्मा और अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. गौरव ग्रोवर को शामिल किया गया है। नई टीम ने मामले में तेजी से काम शुरू कर दिया है और 27 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में अपनी पहली स्टेटस रिपोर्ट सौंपेगी।
राम मंदिर चंदा चोरी मामले में नई SIT गठित
पुरानी टीम में शामिल थे प्रशासनिक अधिकारी
उल्लेखनीय है कि इस मामले की जांच के लिए पूर्व में गठित की गई SIT में पुलिस अधिकारियों की जगह प्रशासनिक और वित्त विभाग के अधिकारी मुख्य भूमिका में थे। पुरानी SIT में लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन कुमार शामिल थे। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप और नए निर्देशों के बाद अब जांच की कमान सीधे पुलिस विभाग के वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारियों के हाथों में सौंप दी गई है, ताकि आपराधिक और वित्तीय गड़बड़ियों की कड़ियों को कानूनी रूप से मजबूत तरीके से जोड़ा जा सके।
गौरतलब है कि यह पूरा मामला राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले चढ़ावे की गिनती और बैंक खातों में जमा करने के दौरान हुई कथित अनियमितताओं और गबन से जुड़ा है। पुरानी SIT ने सीसीटीवी फुटेज, दान रजिस्टर, कैश-हैंडलिंग प्रक्रिया और वित्तीय दस्तावेजों की व्यापक जांच की थी, जिसमें मंदिर के कई कर्मचारियों से पूछताछ के बाद शुरुआती गड़बड़ियों की पुष्टि हुई थी। जांच के आधार पर पुलिस पहले ही मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनके पास से गबन के पैसों से खरीदी गई नकदी, वाहन, निवेश संबंधी दस्तावेज और अन्य संपत्तियां बरामद की गई हैं।
