Rajasthan News: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट उनके लिए 'बेटे' जैसे हैं। गहलोत ने कहा कि पायलट के साथ अपने रिश्ते को लेकर उन्होंने जो कुछ कहा था, वह पूरी तरह दिल से कहा था।
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (फाइल फोटो)
क्या कुछ बोले गहलोत?
जयपुर में अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में गहलोत ने कहा कि पायलट का यह कहना बिल्कुल सही है कि वह (गहलोत) उन्हें अपने पुत्र वैभव गहलोत की तरह मानते हैं और इसमें कुछ भी गलत नहीं है। इससे पहले, गहलोत के हालिया बयानों के बारे में पूछे जाने पर सचिन पायलट ने कहा था, ''उन्होंने (गहलोत ने) बड़े प्रेम से कहा कि जैसा स्नेह और लगाव उनका अपने पुत्र वैभव गहलोत के साथ है, वैसा ही स्नेह और लगाव मेरे साथ भी है।"
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए गहलोत ने कहा, ''उन्होंने सही कहा है। इसमें गलत क्या है? मैं तो यह बात पहले ही कह चुका हूं। वह दो-तीन दिन बाद कह रहे हैं। हम बेहद कम उम्र से एक-दूसरे के घर आते-जाते थे और दोनों (सचिन पायलट और वैभव गहलोत) बच्चों की तरह ही थे। उन्होंने कोई गलत बात नहीं कही है।''
गहलोत बनाम पायलट
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, "मैंने जो कुछ कहा है, वह दिल से कहा है। मैंने उस दिन किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया था।" गहलोत ने कहा कि उनकी हालिया सार्वजनिक टिप्पणियों का मकसद देश के सामने वास्तविक तथ्य रखना था, क्योंकि यह धारणा बन गई थी कि उन्होंने मुख्यमंत्री बने रहने के लिए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद ठुकरा दिया था।
उन्होंने कहा, ''मैंने अपने मन की बात कही और हर तथ्य को सामने रखा। यदि किसी को लगता है कि उसमें कोई तथ्यात्मक गलती है, तो वह मुझसे इस बारे में बात कर सकता है।" उन्होंने कांग्रेस नेताओं से पुराने मतभेद ''भुलाकर और माफ कर'' पार्टी के हित में एकजुट होकर काम करने की अपील की।
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राजस्थान सरकार से की यह मांग
गहलोत ने कोटा और बीकानेर में प्रसव के दौरान या उसके बाद महिलाओं की मौत की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से तत्काल कदम उठाने की मांग की।उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रसव की उच्च दर के बावजूद ऐसी घटनाओं ने महिलाओं में भय का माहौल पैदा कर दिया है।
उन्होंने कहा, ''सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। जल्द से जल्द जांच कराई जाए, पीड़ित परिवारों को राहत दी जाए और प्रदेश की महिलाओं को भरोसा दिलाया जाए कि जो भी कमियां हैं, उन्हें दूर किया जा रहा है तथा भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं होंगी।''
