राजस्थान में आज का मौसम (29 Mar 2026): राजस्थान में कुदरत का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। चिलचिलाती धूप और बढ़ते पारे के बीच 'पश्चिमी विक्षोभ' (Western Disturbance) ने राज्य में दस्तक दे दी है, जिससे तपते रेगिस्तान को तो राहत मिली है, लेकिन खेतों में खड़ी फसलों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। शनिवार को बीकानेर संभाग से शुरू हुआ बादलों का यह सफर अब पूरे प्रदेश को अपनी आगोश में लेने के लिए तैयार है।
आज भी राजस्थान के कई इलाकों में बिगड़ा मौसम
कहीं तपिश तो कहीं राहत
पिछले 24 घंटों के दौरान राजस्थान में मौसम के दो अलग रूप देखने को मिले। एक तरफ कोटा और चित्तौड़गढ़ जैसे जिले 38.4 डिग्री सेल्सियस की तपिश के साथ प्रदेश में सबसे गर्म रहे, वहीं दूसरी ओर बीकानेर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में दोपहर बाद धूलभरी हवाओं ने मौसम का मिजाज बदल दिया। जयपुर में भी दिन भर तेज धूप खिली रही, लेकिन शाम होते-होते आसमान में बादलों की आवाजाही ने तापमान को स्थिर कर दिया। फतेहपुर (सीकर) में न्यूनतम तापमान 14.9 डिग्री दर्ज किया गया, जो फिलहाल रात की ठंडक को बरकरार रखे हुए है।
आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम
जयपुर मौसम केंद्र (IMD Jaipur) के मुताबिक, प्रदेश में 1 अप्रैल तक मौसम इसी तरह अस्थिर रहेगा। रविवार को विशेष रूप से जैसलमेर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है, जिसका मतलब है कि यहां तेज आंधी के साथ ओले गिरने की प्रबल संभावना है। इसके अलावा, जयपुर, जोधपुर, अजमेर और भरतपुर संभाग के अधिकांश जिलों में 'येलो अलर्ट' प्रभावी रहेगा। 30 और 31 मार्च को भी रुक-रुक कर आंधी और बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है, जिससे तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा।
किसानों के लिए चिंता की घड़ी
मौसम विभाग (IMD) ने इस सक्रिय सिस्टम को देखते हुए किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। खेतों में कटकर पड़ी फसलें या पकने को तैयार अनाज आंधी और ओलावृष्टि से बर्बाद हो सकते हैं। हालांकि, आम जनता के लिए राहत की बात यह है कि अप्रैल के पहले सप्ताह तक झुलसाने वाली गर्मी से राहत मिलेगी और पारा सामान्य के आसपास ही रहेगा। पश्चिमी राजस्थान के सरहदी इलाकों में शनिवार देर रात से ही बादलों ने डेरा जमा लिया है, जिससे रविवार सुबह से ही कई इलाकों में ठंडी हवाएं चल रही हैं।
