Raisen Holi Celebration Video: आस्था और अंधविश्वास के बीच की कड़ी है इन गांवों की होली, जलते अंगारों से गुजरते हैं यहां के लोग

Raisen Holi Celebration: रायसेन के चंद्रपुरा और मेहगांव में सालों से होली पर अनोखी परंपरा का पालन होता आ रहा है। जिसके अनुसार गांव के सभी लोग होली पर अंगारों पर नंगे पैर चलते हैं। आइए जानते हैं कि इस परंपरा के पीछे की क्या वजह है।

Raisen Holi Celebration: रंगों का त्योहार होली देशभर में धूम-धाम के साथ मनाया जाता है। लेकिन बहुत सी ऐसी जगहें भी हैं, जहां इस त्योहार को अलग-अलग परंपराओं के अनुसार मनाया जाता है। कहीं पर लोग फूलों की होली खेलते हैं, तो कहीं लट्ठमार होली खेली जाती है। कुछ इसी तरह की अनोखी होली के बारे में हम आज बात करने वाले हैं, जहां पर 15 सालों से अनोखी परंपरा चली आ रही है। यहां पर जिस परंपरा का पालन होता है, उसके बारे में सुनकर शायद आप यकीन भी न कर पाएं। दरअसल इस जगह पर जलते अंगारों पर चलकर होली खेलनी होती है। ये अनोखी होली रायसेन जिले के सिलवानी के दो गांवों में खेली जाती है। होलिका दहन के बाद इस गांव के लोग जलते अंगारों पर चलते हैं। रविवार को भी इन गांवों से ऐसा ही नजारा देखने को मिला। जिसका वीडियो नीचे दिया गया है।

Raisen Holi Celebration

रायसेन के गांवों की अनोखी होली

हर साल अंगारों पर चलते हैं लोग

होली पर इस परंपरा का पालन करने वाला गांव चंद्रपुरा गांव है, जहां बीते 15 सालों से इस अनोखी परंपरा का पालन हो रहा है। वहीं दूसरे गांव का नाम मेहगांव है, यह गांव सिलवानी तहसील से 14 किलोमीटर की दूरी पर है। मेहगांव में यह परपंरा 500 साल पुरानी है। इन गांवों में हर साल गांव के सभी लोग होलिका दहन के बाद अंगारों पर नंगे पैर चलते हैं। ग्राम मेहगांव घरों की संख्या लगभग सौ से है, इस गांव की वर्तमान आबादी भी करीब एक हजार है।

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