तीरंदाजी की तीर निशाने पर, एकलव्य जैसी प्रतिभाओं को अकादमियों के माध्यम से मिल रहे द्रोण जैसे गुरु

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 28, 2023, 08:36 PM IST

Archery in Chhattisgarh: प्रस्तावित अकादमियों के माध्यम से 70 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण- तीरंदाजी में प्रतिभाओं को निखारने के लिए राज्य शासन द्वारा निरंतर प्रयास किया जा रहा है।

Raipur News: महाभारत की चर्चित कथा है अपने वन्य प्रदेश में गुरु नहीं होने की वजह से एक छात्र एकलव्य गुरु द्रोणाचार्य की मूर्ति बनाता है और उसे सामने रखकर तीरंदाजी का अभ्यास करता है। कुछ बरसों पूर्व तक छत्तीसगढ़ में भी एकलव्य जैसी प्रतिभाओं के विकास के लिए किसी तरह की एकेडमी नहीं थीं द्रोण की तरह शिक्षक नहीं थे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने खेलों की आधारभूत संरचना तैयार करने की पहल की और तीरंदाजी की तरह ही अन्य खेलों के प्रतिभाशाली एकलव्य जैसे हजारों युवाओं के लिए राह आसान हुई।

Archery in Chhattisgarh

126 युवाओं के लिए आवासीय-गैरआवासीय तीरंदाजी प्रशिक्षण की व्यवस्था

भारत के संदर्भ में देखें तो तीरंदाजी स्पर्धाओं में आदिवासी इलाकों से ही अधिक संख्या में प्रतिभाओं ने अंतरराष्ट्रीय मंच में भारत का नाम बढ़ाया है। इसके चलते छत्तीसगढ़ में भी इस क्षेत्र की प्रतिभाओं को आगे लाने की जरूरत थी।

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