पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत राज्य में अब तक 8069 कैंसर मरीजों का कैशलेस इलाज किया जा चुका है। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (SHA) के अनुसार, 18 जुलाई 2026 तक इन मरीजों के इलाज पर सरकार ने 20.22 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। योजना के लाभार्थियों में सबसे ज्यादा 36 से 60 वर्ष आयु वर्ग के मरीज शामिल हैं।
पंजाब सरकार ने हजारों कैंसर मरीजों का मुफ्त इलाज कराया
आंकड़ों के मुताबिक, 8069 लाभार्थियों में 4285 मरीज 36-60 वर्ष, 3376 मरीज 60 वर्ष से ज्यादा, 399 मरीज 17-35 वर्ष और 9 मरीज 17 वर्ष से कम आयु के हैं। इससे साफ होता है कि कैंसर सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़ी संख्या में कामकाजी उम्र के लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।
सरकार के अनुसार, पूरे साल कैंसर इलाज की मांग लगातार बनी रही। जनवरी में 842 मरीजों का इलाज हुआ, जो फरवरी में 1080, मार्च में 1175 और अप्रैल में बढ़कर 1350 हो गया। मई में 1275 मरीजों का इलाज किया गया, जबकि जून में सर्वाधिक 1468 मरीजों ने योजना का लाभ उठाया। जुलाई के पहले 18 दिनों में ही 879 मरीजों का इलाज किया जा चुका है।
पंजाब सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य आर्थिक तंगी के कारण किसी भी मरीज का इलाज प्रभावित न होने देना है। समाना निवासी दर्शन देवी का मामला इसका उदाहरण है, जिनकी अनुमानित 4 से 5 लाख रुपये की कैंसर सर्जरी मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत बिना जेब से खर्च किए पूरी हुई।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि समय पर जांच और इलाज से कैंसर मरीजों के स्वस्थ होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। उन्होंने लोगों से शरीर में गांठ, बिना कारण वजन घटना, असामान्य रक्तस्राव, लगातार खांसी और मल-मूत्र संबंधी बदलाव जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की।
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के अनुसार, साल 2022 में भारत में करीब 14.6 लाख नए कैंसर मामलों का अनुमान लगाया गया था। जानकारों का मानना है कि बदलती जीवनशैली, बढ़ती उम्र और बेहतर जांच सुविधाओं के कारण आने वाले वर्षों में यह संख्या और बढ़ सकती है। 8 जनवरी 2026 को शुरू हुई मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत अब तक 2.68 लाख से अधिक लाभार्थियों को इलाज मिल चुका है और कुल उपचार का मूल्य 950.35 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
