Punjab Haryana Weather Update: पंजाब और हरियाणा में कुदरत का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। चिलचिलाती धूप के बाद अब बादलों के डेरे और गरज-चमक ने दस्तक दे दी है। उत्तर भारत में सक्रिय हुए 'पश्चिमी विक्षोभ' (Western Disturbance) के कारण रविवार सुबह से ही दोनों राज्यों के कई हिस्सों में झमाझम बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू हो गया, जिससे पारे में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
पंजाब-हरियाणा में मौसम बिगड़ा
पंजाब में 'ऑरेंज अलर्ट'
मौसम केंद्र चंडीगढ़ ने पंजाब के लिए रविवार और सोमवार को 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। विभाग के अनुसार, रविवार को जहां हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रही, वहीं 30 मार्च (सोमवार) को यह बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इस दौरान लुधियाना, पटियाला, मोहाली, जालंधर और होशियारपुर जैसे जिलों में मध्यम दर्जे की बारिश के साथ ओलावृष्टि (Hailstorm) होने की प्रबल संभावना है। हालांकि, राहत की बात यह है कि 31 मार्च और 1 अप्रैल से मौसम फिर से साफ होने लगेगा और धूप खिलेगी।
हरियाणा और चंडीगढ़: बारिश से लुढ़का पारा
हरियाणा और संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में भी रविवार को हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। अंबाला, पंचकुला और यमुनानगर जैसे इलाकों में बादलों के बरसने से अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने की उम्मीद है। इससे पहले शनिवार को पटियाला और बठिंडा में पारा 33 डिग्री के पार पहुंच गया था, लेकिन रविवार की बारिश ने उमस और गर्मी से बड़ी राहत दी है।
किसानों की बढ़ी धड़कनें
इस बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने अन्नदाताओं की चिंता बढ़ा दी है। पंजाब और हरियाणा के किसानों को डर है कि अगर बारिश के साथ तेज हवाएं जारी रहीं, तो खेतों में खड़ी गेहूं की पकी हुई फसल बिछ सकती है, जिससे पैदावार और गुणवत्ता दोनों पर बुरा असर पड़ेगा। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे फिलहाल सिंचाई रोक दें और मौसम साफ होने का इंतजार करें।
