Punjab News: पंजाब सरकार ने 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं के लिए बड़ी घोषणा की है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज विधानसभा में राज्य का बजट पेश करते हुए 'मुख्यमंत्री मावां धीयां सतिकार योजना' लागू करने का ऐलान किया। जिसके तहत पंजाब सरकार सभी वयस्क महिलाओं के बैंक अकाउंट में हर महीने 1,000 रुपये सीधे ट्रांसफर करेगी। इसके अलावा अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह ट्रांसफर किए जाएंगे।
पंजाब सरकार की महिलाओं के लिए बड़ा घोषणा
वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि सीएम भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए यह कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि कोई भी देश तभी प्रगति कर सकता है जब महिलाएं प्रगति करें। इसी सोच के साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह योजना शुरू गई है, ताकि महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा और सम्मान मिल सके। इस योजना के तहत राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति समुदाय की महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान किया है। उन्हें हर महीने 1,500 रुपये सीधे उनके बैंक अकाउंट में भेजे जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे समाज के कमजोर वर्ग की महिलाओं को अतिरिक्त आर्थिक सहारा मिलेगा।
किन महिलाओं को नहीं मिलेगा योजना का लाभ
वित्त मंत्री ने कहा कि यह योजना भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया की पहली ऐसी यूनिवर्सल नकद हस्तांतरण योजना होगी। पंजाब की 18 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं इस योजना की पात्र होंगी। इससे लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को लाभ मिलेगा।। हालांकि वर्तमान व पूर्व सांसद-विधायक, मौजूदा या पूर्व स्थायी सरकारी कर्मचारी और आयकर दाता इस योजना के दायरे में नहीं आएंगे। इसके अलावा उन महिलाओं को भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा, जो पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं जैसे वृद्धावस्था पेंशन, विधवा या निराश्रित महिला पेंशन और दिव्यांग पेंशन का लाभ ले रही हैं।
पंजाब सरकार का कहना है कि इस पहल से महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा मिलेगा। घर के फैसले लेने में उनकी भूमिका मजबूत होगी। इसके साथ ही स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा के क्षेत्र में भी सकारात्मक असर पड़ेगा। पंजाब सरकार का मानना है कि यह योजना राज्य की महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा और सम्मान देने की दिशा में अहम कदम साबित होगी।
वित्त मंत्री ने हरियाणा पर साधा निशाना
बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने अप्रत्यक्ष रूप से हरियाणा पर निशाना भी साधा। उन्होंने कहा कि कई राज्य महिलाओं के लिए ऐसी योजनाओं की घोषणा तो करते हैं, लेकिन उन्हें केवल सीमित दायरे तक ही रखते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एक पड़ोसी राज्य ने ऐसी योजना केवल 1 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवारों तक ही सीमित रखी। जिस कारण सिर्फ 20% महिलाएं ही इस योजना से लाभान्वित हो पाईं। इसीलिए हमने यह सुनिश्चित करने वाला पहला राज्य बनने का फैसला किया है जिसमें सभी वयस्क महिलाएं इस योजना के दायरे में आएं। चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार ने इसके लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 9,300 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है।
