पंजाब कांग्रेस में फिर बढ़ी तकरार, रंधावा ने वडिंग की 'एक परिवार-एक टिकट' नीति पर उठाए सवाल; बोले- जीतने की क्षमता है तो...

पंजाब कांग्रेस में टिकट बंटवारे को लेकर पार्टी के अंदर मतभेद एक बार फिर खुलकर सामने आ गए हैं। इस्सरू में चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा के साथ आने से गुटबाजी की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। वहीं, रंधावा और राजा वडिंग के अलग-अलग रुख ने परिवारवाद बनाम नए चेहरों की बहस को भी हवा दे दी है।

Punjab News: पंजाब कांग्रेस में टिकट वितरण को लेकर नेताओं के बीच मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं। खन्ना के नजदीक इस्सरू में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने एक साथ मंच साझा किया, जबकि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे। इस घटनाक्रम के बाद पार्टी के भीतर गुटबाजी को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।

Punjab Congress Ticket Distribution

रंधावा और वडिंग आमने-सामने (फोटो- पीटीआई)

कांग्रेस में नए और युवा चेहरों को आगे बढ़ाने पर जोर

रंधावा ने टिकट वितरण को लेकर राजा वडिंग की नीति पर असहमति जताते हुए कहा कि चुनाव जीतने की क्षमता रखने वाले उम्मीदवारों को सिर्फ इसलिए टिकट से वंचित नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि वे एक ही परिवार से आते हैं। रैली में रंधावा बोले- "अगर एक ही परिवार के लोग चुनाव जीतने में सक्षम हैं, तो उन्हें दो ही नहीं, बल्कि चार टिकट भी दिए जा सकते हैं।" वहीं, राजा वडिंग पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि कांग्रेस में नए और युवा चेहरों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। उनके मुताबिक, राजनीतिक परिवारों के मामले में पार्टी की नीति एक परिवार से एक ही उम्मीदवार को टिकट देने की है, ताकि अधिक से अधिक नए नेताओं को चुनावी मैदान में उतरने का अवसर मिल सके।

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