पवित्र शहरों से लेकर शहीदी स्मारकों तक, पंजाब में सिख समुदाय की दशकों पुरानी मांगें हुईं पूरी

पंजाब की राजनीति में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार ने सिख धर्म की आस्था, परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत से जुड़े कई लंबे समय से लंबित मुद्दों पर बड़े कदम उठाए हैं। श्री अकाल तख्त साहिब, तख्त श्री केसगढ़ साहिब और तख्त श्री दमदमा साहिब से जुड़े शहरों को ‘पवित्र शहर’ घोषित कर शराब, तंबाकू और नशीले पदार्थों पर प्रतिबंध लगाया गया। गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी वर्षगांठ पर विशेष सहायता और भव्य धार्मिक आयोजनों से सिख सम्मान को नई ऊंचाई मिली।

Punjab: पंजाब की सियासत में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार ने सिख धर्म की आस्था, परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत से जुड़े कई लंबे समय से लंबित मुद्दों पर ठोस निर्णय लिया है। सिख सम्मान और इतिहास की रक्षा के प्रयास से जोड़कर इसे देखा जा रहा है।

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मान सरकार में सालों पुरानी मांगों पर लिया ठोस कदम (फाइल फोटो)

तीन तख्तों से जुड़े शहरों को मिला पवित्र दर्जा

पंजाब सरकार ने सिख पंथ के तीन प्रमुख तख्तों, श्री अकाल तख्त साहिब (अमृतसर), तख्त श्री केसगढ़ साहिब (श्री आनंदपुर साहिब) और तख्त श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो) से जुड़े शहरों को आधिकारिक रूप से ‘पवित्र शहर’ घोषित कर दिया है। इसके साथ ही इन इलाकों में शराब, तंबाकू, मांस और नशीले पदार्थों की बिक्री और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया गया है। इस फैसले के साथ वर्षों से चली आ रही सिख संगत की मांग पूरी हो गई है।

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