Pune News: देश के कई राज्य ऐसे हैं, जहां एक छोटी सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए अच्छे-खासे पढ़े-लिखे लोग हर दिन कोशिश करते हैं। बहुत से छात्र ऐसे भी होते हैं, जो अपनी योग्यता से कम वाली नौकरी करने के लिए भी मजबूर हैं, लेकिन महाराष्ट्र सरकार ने पुणे परिवहन में काम करने वाले ड्राइवर और कंडक्टरों के लिए खास पहल शुरू की, जिसकी हर जगह तारीफ हो रही है। पुणे महानगर परिवहन महामंडल लिमिटेड (पीएमपीएमएल) ने अपने कर्मचारियों को उनकी योग्यता के अनुरूप कार्य सौंपने का फैसला लिया है।
पीएमपीएमएल में पढ़े-लिखे कर्मचारी अब नहीं करेंगे ड्राइवर और कंडक्टर का काम
यह फैसला हाल के एक सर्वेक्षण के आधार पर लिया गया है जिसमें पाया गया कि पीएमपीएमएल में 225 उच्च योग्य कर्मचारी हैं, जिन्हें कानून, प्रबंधन और इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर स्तर की योग्यता हासिल है। वह इस वक्त पुणे परिवहन में ड्राइवर या कंडक्टर के रूप में काम कर रहे हैं।
कर्मचारियों को मिलेगा उनकी योग्यता के अनुसार काम
ऐसे में पीएमपीएमएल की ओर से ड्राइवर और कंडक्टर के रूप में काम कर रहे कर्मचारियों से अब स्टाफ के काम करवाए जाएंगे। पीएमपीएमएल के अनुसार, उच्च स्तर की पढ़ाई करने के बाद ड्राइवर और कंडक्टर की नौकरी करने के पीछे कई कारण हैं, जिनमें से प्रमुख अपने-अपने परिवारों को आर्थिक रूप से मदद करना सबसे जरूरी कारण हैं। जांच के बाद कर्मचारियों को उनकी योग्यता के अनुसार काम देने का फैसला लिया गया है। इस फैसले को लेकर पीएमपीएमएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक (सीएमडी) ओम प्रकाश बकोरिया ने बताया है कि, उच्च योग्यता वाले ड्राइवर और कंडक्टर सहित सभी कर्मचारियों को अब उनकी योग्यता के अनुसार, ड्यूटी आवंटित की जाएगी।
पीएमपीएमएल में 2,296 ड्राइवर और 4,776 कंडक्टर
बकोरिया के अनुसार, इससे संगठन को तेजी से बढ़ने में मदद मिलेगी क्योंकि उनकी विशेषज्ञता का इस्तेमाल काम में सुधार के लिए किया जा सकता है। बकोरिया ने प्रशासनिक विभाग को निर्देश दिया है कि ऐसे सभी कर्मचारियों की जानकारी जुटाएं, उनकी योग्यता के अनुरूप कार्य आवंटित किया जाए। वर्तमान में पीएमपीएमएल में 2,296 ड्राइवर और 4,776 कंडक्टर हैं। बताया जा रहा है कि, सरकार योग्यता के अनुसार नौकरी के अवसर न मिलने के कारण पीएमपीएमएल में कई पोस्ट-ग्रेजुएट लोगों ने ड्राइवर और कंडक्टर के लिए आवेदन किए थे, जिसके बाद से वह नौकरी कर रहे हैं।
