Pune Bus Rape Case: पुणे शहर में एक बस के अंदर 26 साल की युवती का रेप किया गया। रेप करने के बाद आरोपी मौके से फरार है। पुलिस द्वारा आरोपी को पकड़ने के लिए 8 टीमें गठित की गई हैं। रेप की इस घटना पर महाराष्ट्र की राजनीति भी गरमा गई है। महाराष्ट्र की महायुति सरकार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सीधे तौर पर कांग्रेस के निशाने पर आ गए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने पुणे बलात्कार मामले पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस्तीफा मांगा है।
(सांकेतिक फोटो)
उन्होंने कहा कि देवेंद्र फडणवीस जो पहले भी सत्ता में रहे हैं और अभी भी सत्ता में हैं, उनके पूरे कार्यकाल में महाराष्ट्र में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में वृद्धि देखी गई है। घटना के बाद आरोपी अभी तक पकड़ा नहीं गया है। फडणवीस प्रदेश के गृह मंत्री भी हैं, लेकिन बहनों को सुरक्षा देने में फेल साबित हुए हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने दुष्कर्म की घटना पर स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर ने महाराष्ट्र पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
बता दें कि पुणे के स्वारगेट बस स्टैंड पर युवती के साथ बलात्कार मामले में पुलिस ने युवती की शिकायत पर विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, आरोपी को पकड़ने के लिए कुल 8 टीमें तैनात की गई हैं। आरोपी की पहचान भी हो गई है। बताया जा रहा है कि 26 साल की युवती जो यहां पर जॉब करती है, शाम को बस स्टैंड पर अपने गांव जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान एक व्यक्ति उसके पास आया और मीठी-मीठी बात कर उससे जान-पहचान बढ़ाने लगा।
आरोपी ने दीदी कहकर वारदात को दिया अंजाम
आरोपी ने कहा कि दीदी आप कहां जा रही हैं। युवती ने बताया कि वह अपने गांव जाने के लिए बस का इंतजार कर रही है। इस पर आरोपी ने कहा कि आपके गांव जाने के लिए बस दूसरी जगह से जाएगी। युवती आरोपी की मीठी-मीठी बातों में आ गई। आरोपी उसे दूसरी जगह पर खड़ी बस में ले गया और बलात्कार किया।
अजित पवार ने घटना को बताया दुर्भाग्यपूर्ण
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने पुणे के स्वारगेट बस स्टेशन पर महिला के साथ हुई दुष्कर्म की घटना को अत्यंत दुखद, दर्दनाक और शर्मनाक बताया। उन्होंने इस घटना को सभ्य समाज के लिए गुस्से से भर देने वाली और बर्दाश्त न करने योग्य बताया। उन्होंने कहा कि आरोपी को मौत की सजा मिलनी चाहिए और वह खुद इस मामले में त्वरित कार्रवाई की निगरानी करेंगे।
अजित पवार ने कहा कि स्वारगेट बस स्टेशन पर हमारी एक बहन के साथ हुई दुष्कर्म की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, दर्दनाक और सभ्य समाज के लिए गुस्से से भर देने वाली है। यह शर्मनाक है। आरोपी द्वारा किया गया अपराध माफी के लायक नहीं है और उसे मौत की सजा से कम कोई दंड नहीं मिल सकता। मैंने खुद पुणे पुलिस कमिश्नर से बात की है और उन्हें इस मामले की तत्काल जांच करने और आरोपी को तुरंत गिरफ्तार करने का निर्देश दिया है। पवार ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है और पुलिस को आवश्यक निर्देश दिए हैं। पुलिस जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार करेगी और उसे कानून के तहत सबसे कठोर सजा दिलवाने के लिए राज्य सरकार हर कदम उठाएगी। उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मैं महाराष्ट्र के सभी भाइयों, बहनों और माताओं से कहता हूं कि पीड़िता को न्याय मिलेगा। राज्य सरकार महिला और बाल विकास मंत्री तथा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष को निर्देशित करेगी कि पीड़िता को सभी प्रकार की सहायता प्रदान की जाए।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने तत्काल कार्रवाई की मांग की
महिला आयोग ने घटना की कड़ी निंदा की है, जिसमें 26 वर्षीय युवती को बस में दुष्कर्म का शिकार बनाया गया। दुष्कर्म का आरोपी फिलहाल फरार है। आयोग की अध्यक्ष ने पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई करने के लिए निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा है कि मामले की जांच निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से हो, किसी भी तरह की देरी या लापरवाही से बचा जा सके। इसके साथ ही, पीड़िता को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया है, जिसमें चिकित्सा सहायता, मानसिक परामर्श और उसकी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम शामिल हैं।
आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि अपराधी को न्याय के दायरे में लाया जा सके। अंत में, पुलिस अधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि तीन दिनों के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट और एफआईआर की प्रति आयोग को सौंप दें। वह महिला अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित करेगा कि ऐसे अपराधों को सजा से बचने का कोई मौका न मिले। आयोग ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों से त्वरित कार्रवाई की अपील करते हुए सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कड़े कदम उठाने का आह्वान किया। पत्र के अंत में कहा गया है कि आयोग इस मामले की प्रगति की करीबी निगरानी करेगा और आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई करेगा।
