Lonavala Suicide: लोनावला में पुणे के एक युवा IT इंजीनियर ने लायंस पॉइंट की गहरी खाई में कूदकर अपनी जान दे दी। 32 वर्षीय वीरेंद्र सिन्हा पुणे के बाणेर इलाके में एक नामी IT कंपनी में कार्यरत थे। इस घटना ने एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य और पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।
घाटी से शव को निकालने की कोशिश करती शिवदुर्ग रेस्क्यू टीम
लावारिस कार से खुला राज
घटना का खुलासा गुरुवार सुबह तब हुआ जब स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने लायंस पॉइंट के पास एक सफेद रंग की कार को लंबे समय तक लावारिस हालत में खड़ा देखा। कार के पास कोई नहीं था, जिससे अनहोनी की आशंका बढ़ गई। सूचना मिलते ही लोनावला ग्रामीण पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। कार के दस्तावेजों से वीरेंद्र सिन्हा की पहचान हुई और उनके परिवार से संपर्क किया गया।
मौत से पहले भेजे
पुलिस की प्राथमिक जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। वीरेंद्र ने यह खौफनाक कदम उठाने से ठीक पहले अपनी पत्नी और करीबी दोस्तों को ईमेल और मैसेज भेजे थे। बताया जा रहा है कि इन संदेशों में इस कदम के पीछे के कुछ संकेत थे। जैसे ही परिवार ने वह ईमेल देखा, वे उन्हें तलाशने निकले लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
250 फीट गहरी खाई में रेस्क्यू ऑपरेशन
इंजीनियर की तलाश के लिए लोनावला ग्रामीण पुलिस, 'शिवदुर्ग रेस्क्यू टीम' और 'वन्यजीव रक्षक मावल संस्था' के स्वयंसेवकों ने एक संयुक्त अभियान चलाया। करीब 250 फीट गहरी खाई और दुर्गम रास्तों के कारण यह रेस्क्यू ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण रहा। घंटों की मशक्कत के बाद टीम वीरेंद्र के शव तक पहुंचने में कामयाब रही और उसे बाहर निकाला। लायंस पॉइंट पर बढ़ती आत्महत्या की घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों और मनसे (MNS) इकाई ने इस घटना के बाद कड़ा रोष जताया है। मनसे ने मांग की है कि पर्यटन स्थलों पर रेलिंग को और ऊंचा किया जाए और रात के समय गश्त बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
