देश की राजधानी का नाम क्या है? यह प्रश्न आज बचकाना लग सकता है, क्योंकि हर कोई जानता है देश की राजधानी दिल्ली है। दिल्ली और आसपास के क्षेत्र को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी NCR कहा जाता है। दिल्ली का अपना बहुत ही समृद्ध इतिहास है। भारत पर राज करने की चाहत रखने वाले तमाम राजाओं ने दिल्ली के तख्त को कब्जाने की कोशिश की। जिन राजाओं ने देश के ज्यादातर हिस्से पर राज किया, वह दिल्ली से ही राज-काज चलाते थे। इतिहास की दृष्टि से देखें तो दिल्ली को साल 1911 में राजधानी बनाया गया। लेकिन इतिहास में एक दिन और शहर ऐसा भी है जब 24 घंटे के लिए किसी अन्य शहर को देश की राजधानी बनाया गया था।
भारत की एक दिन की राजधानी
मुगलों की राजधानी
मुगल बादशाह बाबर से लेकर अकबर और जहांगीर तक ने आगरा से हिंदुस्तान पर राज किया। हालांकि, शाहजहां अपनी राजधानी को आगरा से दिल्ली लेकर आया। इसके बाद औरंगजेब ने भी दिल्ली से ही हिंदुस्तान पर राज किया। मराठों ने भी मुगलों के आतंक से देश को मुक्ति दिलाने और देश पर राज करने के लिए दिल्ली को ही चुना।ये भी पढ़ें - Times Now Summit 2024: 'लोहे के चने चबाना मुहावरे का असली मतलब क्या होता है, दिल्ली आकर पता चला'
इतिहास के पन्ने पलटें
इतिहास के पन्नें पलटें तो आप पाएंगे कि दिल्ली को साल 1911 में राजधानी बनाया गया। इसी साल अंग्रेज भारत की राजधानी को कलकत्ता (अब कोलकाता) से दिल्ली लेकर आए थे। इससे पहले अंग्रेज कलकत्ता से ही देश पर राज करते थे। हालांकि, इतिहास में कई ऐसे अवसर आए, जब देश के अलग-अलग हिस्सों से देश की बागडोर थामी गई और उसे राजधानी घोषित किया गया।अंग्रेजों ने बदली राजधानी
अंग्रेज 1911 में देश की राजधानी कलकत्ता से दिल्ली लेकर आए, यह तो सभी जानते हैं। क्या आप जानते हैं कि अंग्रेज ही एक बार किसी अन्य शहर को भी देश की राजधानी बना चुके हैं। आश्चर्य यह कि अंग्रेजों ने इस शहर को सिर्फ एक दिन के लिए ही देश की राजधानी बनाया। यह शहर कोई और नहीं बल्कि आज का प्रयागराज और उस समय का इलाहाबाद है।अंग्रेज राजधानी दिल्ली लेकर जाना चाहते थे, लेकिन उस समय दिल्ली में मुगलों का राज था। इसलिए अंग्रेज दूसरे विकल्प के तौर पर इलाहाबाद को चुनना चाहते थे, क्योंकि यहां पर उनका प्रभुत्व पूरी तरह से जम गया था। हालांकि, बाद में उन्होंने नॉर्थ-वेस्ट प्रोविंस की राजधानी के तौर पर आगरा को चुना, क्योंकि यह दिल्ली के करीब था। इस तरह से आगरा 1857 तक नॉर्थ-वेस्ट प्रोविंस की राजधानी रहा।
