शंकराचार्य ने किया 'धर्म सेंसर बोर्ड' का गठन, देवी-देवताओं के अपमान वाली फिल्मों को नहीं होने देगा रिलीज

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलEdited by: किशोर जोशी
  • Updated Jan 20, 2023, 01:30 PM IST

प्रय़ागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने 'धर्म सेंसर बोर्ड' गठन किया है। बोर्ड ने फैसला किया है उन फिल्मों को रिलीज नहीं होने दिया जाएगा जिनमें हिंदू देवी-देवताओं का अपमान होगा। शंकराचार्य ने धर्म सेंसर बोर्ड की गाइडलाइन भी जारी की है।

धर्म सेंसर बोर्ड (Dharma Censor Board) हिंदू देवी-देवताओं के अपमान वाली फिल्मों का निर्माण नहीं रिलीज होने देगा। ऐसी फिल्मों के अलावा डाक्यूमेंट्री, वेब सीरीज (Web Series) व मनोरंजन के अन्य दृश्य माध्यमों पर इस बोर्ड के जरिये अंकुश लगाया जाएगा। ताकि, फिल्मों के नाम पर सनानत संस्कृति पर हमले को रोका जा सके। यह बातें प्रेसवार्ता के दौरान माघ मेला शिविर में ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बताई और उसकी गाइड लाइन भी जारी किया।

Dharma Censor Borad

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती धर्म सेंसर बोर्ड की गाइडलाइन भी जारी की।

कई फिल्मों को लेकर हो चुका बवाल हाल ही में सैफ अली खान की फिल्म आदिपुरुष का ट्रेलर रिलीज होने के बाद धर्म जगत में आस्था पर हमले को लेकर तूफान खड़ा हो गया था। इसके बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने धर्म सेंसर बोर्ड का गठन किया है। इस बोर्ड में धर्म-संस्कृति के क्षेत्र से जुड़े कई दिग्गजों को शामिल किया गया है। फिलहाल इस बोर्ड के अध्यक्ष की जिम्मेदारी शंकराचार्य स्वयं संभाल रहे हैं।

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