Prayagraj: संगम नगरी प्रयागराज के लोगों के लिए एक सुखद खबर है। शहर की इनर रिंग रोड परियोजना को अब फिर से अमलीजामा पहनाने की तैयारी हो रही है। प्रयागराज में महाकुंभ के आयोजन को लेकर सूबे की योगी सरकार एक्शन मोड में है। हालांकि एनएच 2 पर प्रस्तावित इनर रिंग रोड परियोजना के प्रथम चरण के लिए जनपद के 45 गांवों के 4 हजार किसानों की भूमि पूर्व में एक्वायर की जा चुकी है। एनएचआई के आला अधिकारियों के मुताबिक, प्रोजेक्ट में करीब 50 हेक्टेयर भूमि एक्वायर होने से छूट गई थी। जिसे अब अधिगृहित किया जा रहा है। बता दें कि, इनर रिंग रोड का प्रोजेक्ट वर्ष 2023 में आरंभ होना है। अब थ्रीडी प्रकाशन के साथ ही पहले प्रथम चरण की इनर रिंग रोड परियोजना के लिए टेंडर दिसबंर में करवा दिए जाएंगे।
प्रयागराज में एनएचआई इनर रिंग रोड के लिए 50 हेक्टेयर जमीन करेगा एक्वायर (प्रतीकात्मक तस्वीर)
इसके बाद मार्च 2023 में रोड का निर्माण शुरू करवा दिया जाएगा। जिससे महाकुंभ से पूर्व ये प्रोजेक्ट पूरा हो सके। इनर रिंग रोड बनने के बाद संगम नगरी में आए दिन लगने वाले जाम से शहर के लोगों को छुटकारा मिल जाएगा। एनएचआई के अधिकारियों के मुताबिक, रोड का पहला चरण पूरा होने के बाद प्रयागराज से कई शहरों के सफर में भी लोगों को आसानी होगी। बता दें कि, इनर रिंग रोड रीवा रोड से जीटी रोड होते हुए महुआरी व लवाइन कला के बाद अंदावा के रास्ते आगे सहसों के बाद में फिर एनएच-2 से मिल जाएगी। इनर रिंग रोड कानपुर से वाराणसी की ओर जा रहे एनएच इस रोड के फर्स्ट फेज का निर्माण आने वाले महाकुंभ मेले के मद्देनजर करवाया जाएगा।
