Prayagraj News: प्रयागराज की अतरसुइया थाने की पुलिस ने बाइक चोरी करने वाले अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश कर चार लोगों को गिरफ्तार किया है। बदमाशों की गिरफ्तारी के बाद गैंग में बाप- बेटे की भूमिका को लेकर पुलिस जांच में कई तथ्य सामने आए हैं। एसएचओ योगेश प्रताप सिंह के मुताबिक, दोनों बाप- बेटे चुराई गई बाइकों को प्रयागराज के ग्रामीण इलाकों में लोगों को झांसा देकर गिरवी रख देते थे। हैरानी की बात तो ये सामने आई है कि, बाइकों की कीमत भी ज्यादा नहीं लेते थे। महज दस से बीस हजार रूपए में बाइक गिरवी रख एक से दो माह के भीतर छुड़ाकर ले जाने की बात कहते थे। इसके बाद दोनों आरोपी वापिस नहीं आते थे। एसएचओ के मुताबिक, गिरोह के सरगना गांव कटइया निवासी गुड्डू निषाद का मामा राजकुमार निवासी कौशांबी, ही वाहन चुराने की पूरी साजिश रचता था। गैंग के लोग रेलवे स्टेशनों के बाहर बाइक खड़ी करने वालों पर नजर रखते थे। मामा का इशारा पाकर गुड्डू व गैंग के अन्य लोग बाइकों को गायब कर देते थे। एसएचओ के मुताबिक, गैंग के लोग इतने शातिर हैं कि, बाइक चोरी के दौरान अगर उसका मालिक आ जाता था तो ये लोग इशारे कर अपने गुर्गों को मौके से हटा देते थे।
प्रयागराज में बाप - बेटा पुलिस के हत्थे चढ़े तो शातिरों ने उगले कई राज (प्रतीकात्मक तस्वीर)
10 मिनट में नंबर प्लेट बदल देते थे
एसएचओ योगेश प्रताप सिंह के मुताबिक, आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि, बाइक चोरी करने के करीब 10 मिनट के बाद बाइकों को किसी सुनसान जगह ले जाकर उसकी नंबर प्लेट बदल दी जाती थी। गैंग के बदमाश इतने होशियार है कि, बाइक चुराने के बाद मुख्य रास्तों की बजाय गलियों से होकर मौके से फरार होते थे।
ऐसे चढ़े पुलिस के हत्थे
एसएचओ के मुताबिक, शहर के मीरापुर गोल चैराहे के पास अतरसुइया थाना की एसआई अर्चना चैबे सहित पुलिस टीम वाहनों की जांच कर रही थी। इस दौरान दो बाइक पर सवार होकर आए 4 युवक पुलिस टीम को देखकर भागने लगे। इसके बाद हरकत में आई पुलिस टीम ने चारों युवकों को पीछा कर दबोच लिया। इसके बाद चारों को थाने लाकर पूछताछ की गई तो पुलिस हैरान रह गई। पकड़े गए बदमाशों की पहचान गैंग लीडर गुड्डू निषाद, संजय, सोनू निषाद व बबली आदि के तौर पर हुई।
