Prayagaraj News: माफिया अतीक के सहयोगी नफीस बिरयानी ने उगले कई राज, डॉक्टर प्रेमिका समेत मिले अहम सुराग

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 24, 2023, 11:02 AM IST

प्रयागराज के माफिया अतीक अहमद के फाइनेंसर ने पुलिस की पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। हर महीने नफीस अतीक की बीवी शाइस्ता परवीन को 20 से 30 लाख रुपये तक पहुंचाता था।

प्रयागराज: नवाबगंज थाना क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में माफिया अतीक अहमद के सहयोगी नफीस अहमद उर्फ नफीस बिरयानी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। माफिया अतीक का सहयोगी नफीस बिरयानी 50 हजार का ईनामी है। गिरफ्तारी के बाद से पुलिस नफीस से पूछताछ कर रही थी, जिस पर उसने पुलिस को माफिया से जुड़े कई राज बताए हैं। पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। उसने बताया कि वो हर महीने अतीक की बीवी शाइस्ता परवीन को 20 से 30 लाख रुपये तक पहुंचाता था। इसके अलावा नफीस माफिया अतीक अहमद की करेली में रहने वाली डॉक्टर प्रेमिका को भी लेकर साबरमती जेल मिलवाने ले गया था

Atiq Ahmed Financer Nafees Biryani

फाइल फोटो

मुठभेड़ में पकड़ा गया नफीस बिरयानी

आपको बता दें कि बुधवार 22 नवंबर की शाम नवाबगंज के आनापुर इलाके में मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में 50 हजार के इनामी नफीस बिरयानी के पैर में गोली लगी है। उसने पुलिस की पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। नफीस के बिरयानी के धंधों में अतीक और अशरफ के रुपए लगे थे। वो हर महीने अतीक की बीवी शाइस्ता परवीन को 20 से 30 लाख रुपये तक पहुंचता था। पुलिस नफीस और उसकी बनाई गई फर्म के बैंक खातों की डिटेल खंगाल रही है। उसने बताया कि वो कई बार अतीक की पत्नी शाइस्ता बेटे एहजम और आबान को लेकर साबरमती जेल गया था। इतना ही नहीं नफीस माफिया का बड़ा हमदर्द था। वो अतीक अहमद की करेली में रहने वाली डॉक्टर प्रेमिका को लेकर भी साबरमती जेल मिलवाने ले गया था। फिलहाल, पुलिस को चार बार शाइस्ता और अन्य लोगों को अहमदाबाद ले जाने का रिकॉर्ड मिला है। नफीस दो फॉर्च्यूनर गाड़ी से पहले वाराणसी ले जाता था। फिर वहा से फ्लाइट के जरिए संबधित लोगों को अहमदाबाद ले जाता था। इस पर खर्च होने वाली रकम नफीस बिरयानी ही उठता था।

नफीस की क्रेटा कार से उमेश पाल को मारने गए थे शूटर

नफीस के खिलाफ सिविल लाइन और धूमनगंज थाने में कुल चार मुकदमे दर्ज हैं। उमेश पाल और दो सरकारी गनर शूटआउट केस में नफीस की क्रेटा कार का इस्तेमाल हुआ था। हालांकि, शूटआउट से पहले उसने यह कार रुखसार नाम के शख्स के नाम ट्रांसफर कर दी थी। एनकाउंटर में पुलिस के हत्थे चढ़े नफीस के पास से पिस्टल, कारतूस और बाइक बरामद हुई है। इसके साथ ही एक लैपटॉप बैग दो मोबाइल फोन वह अन्य सामान बरामद हुए हैं। पुलिस को नफीस के मोबाइल से कई अहम क्लू मिल सकते हैं। फिलहाल, पुलिस ने नफीस से मिली जानकारी के बाद अपनी जांच तेज कर दी है। उमेश पाल शूटआउट केस के बाद अतीक के अवैध साम्राज्य और गुर्गों का पता लगाने के लिए पुलिस ने दो अभियान शुरू किए हैं। पुलिस ने ऑपरेशन जिराफ और ऑपरेशन ऑक्टोपस शुरू किया है। ऑपरेशन ऑक्टोपस के तहत ही नफीस बिरयानी की गिरफ्तारी हुई है।

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