प्रयागराज: यूपी में एक्सप्रेसवे की कनेक्टीविटी लगातार बढ़ती जा रही है। मौजूदा समय में प्रदेश और देश दोनों का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे यानी पूर्वांचल एक्सप्रेसवे भी उत्तर प्रदेश के पास है। प्रदेश का भी सबसे लंबा एक्सप्रेसवे नहीं रहने वाला है। इसी क्रम में गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य जोरों पर है जो इससे भी लंबा है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की लंबाई 240 किलोमीटर है। वहीं, गंगा एक्सप्रेसवे 594 किलोमीटर लंबा बनाया डजा रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे के 2025 के कुंभ मेले से पहले पूरा हो जाने की उम्मीद है।
फाइल फोटो
36,000 करोड़ रुपये खर्च
आपको बता दें कि एक्सप्रेसवे की शुरुआत मेरठ से होगी और यह प्रयागराज में जाकर खत्म होगा। इस बीच गंगा एक्सप्रेसवे कुल 12 जिलों को कवर करेगा। सरल किसान वेबसाइट में छपी खबर के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट पर 36,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। गंगा एक्सप्रेसवे का काम तेजी से खत्म करने की बात इसलिए भी चल रही है क्योंकि इसके रास्ते तीर्थ यात्रियों के लिए कुंभ पहुंचना बहुत आसान हो जाएगा। साल 2025 में महाकुंभ का आयोजन होना है। लिहाजा, इसके काम में तेजी लाई जा रही है। कोशिश है कि भक्तों को प्रयाग पहुंचने में कोई दिक्कत का सामना न करना पड़े।
8 घंटे में पहुंचेंगे मेरठ से प्रयागराज
गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण से मेरठ से प्रयागराज महज 8 घंटे में पहुंच जाएंगे. इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि गाड़ियां 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकें। यह 6 लेन का एक्सप्रेसवे होगा, लेकिन इसे जरूरत पड़ने पर 8 लेन तक चौड़ा किया जा सकता है। निर्माण कंपनी मेरठ और प्रयागराज में मुख्य टोल प्लाजा बनाएगा। इसके अलावा बीच-बीच में भी टोल प्लाजा होंगे, ताकि बीच में कहीं एक्सप्रेसवे पर चढ़ने वाली गाड़ियों से टोल लिया जा सके। ऐसे कुल 12 रैम्प टोल प्लाजा बनेंगे। इसके अलावा शाहजहांपुर के पास एयरस्ट्रीप भी बनाई जाएगी ताकि आपातकालीन परिस्थिति में हेलिकॉप्टर या प्लेन उतारा जा सके।
सीएम योगी ने यूपीडा को दिए निर्देश
सीएम योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ 2025 से पहले देश के दूसरे सबसे लंबे एक्सप्रेस-वे को साल के अंत तक संचालित करने के लिए बड़े स्तर पर कार्य करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने यूपीडा के अधिकारियों को दिये हैं। उत्तर प्रदेश फिलहाल देश में सर्वाधिक एक्सप्रेस-वे वाला राज्य है। यहां 6 एक्सप्रेस-वे संचालित हैं, जबकि 7 निर्माणाधीन हैं। इनमें गंगा एक्सप्रेस-वे सीएम योगी की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना है। गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ-बुलंदशहर (एनएच 334) पर बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज में (एनएच 19) पर जूडापुर दादू गांव के समीप पर समाप्त होगा.
इन जिलों से गुजरेगा एक्सप्रेसवे
गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ के बाद ये हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ से होता हुआ प्रयागराज तक जाएगा। गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण भी 12 चरणों में ही किया जा रहा है।
