Who is Shaista Parveen: गैंगस्टर से राजनेता बने अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन भी माफिया घोषित कर दी गई है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में दर्ज एक एफआईआर में उसे माफिया बताया गया है। यह प्राथमिकी दो मई, 2023 को दर्ज की गई थी, जिसमें यह भी कहा गया कि वह अपने पास एक शूटर भी रखती है।
Who is Shaista Parveen: शाइस्ता परवीन माफिया से राजनेता बने अतीक अहमद की पत्नी हैं। (क्रिएटिवः अभिषेक गुप्ता)
अतीक की 50 बरस की पत्नी का नाम शाइस्ता पश्तो से निकला है, जिसका असल अर्थ सुंदरता होता है। अब इसे बदकिस्मती कहें या फिर पति के चलते पनपी परिस्थितियां...पुलिस वाले (सेवानिवृत्त पुलिस कॉन्सटेबल मोहम्मद हारून) की बेटी शाइस्ता परवीन फिलहाल यूपी पुलिस की "मोस्ट वॉन्टेड" लिस्ट में हैं।
अतीक से पवरीन को पांच बच्चे हुए। वैसे, शाइस्ता निकाह से पहले परिवार के साथ दामूपुर गांव में रहती थी, जबकि इससे पहले बचपन पुलिस हेडक्वार्टर में पिता के साथ गुजरा था। वह परिवार की सभी संतानों (चार बहन और दो भाई) में सबसे बड़ी थी। उसका एक भाई मदरसा में पढ़ाता है। साल 1996 में जब अतीक अपना पहला चुनाव समाजवादी पार्टी (सपा) के टिकट से इलाहाबाद पश्चिम सीट से लड़ा था, तब उसने पुलिस हेड कॉन्सटेबल की बेटी शाइस्ता से निकाह किया था।
हमारे सहयोगी अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को प्रयागराज में रिटायर्ड स्कूल टीचर ने बताया, "शाइस्ता काफी शांत मिजाज की हैं और हमेशा पैरेंट्स टीचर मीटिंग में आती थीं।" प्रयागराज में एक स्कूल से 12वीं पास शाइस्ता ने शादी के बाद घर के काम-काज में अपने आप को व्यस्त रखा। हालांकि, ऐसा बताया जाता है कि अतीक जब भी जेल जाता था, तब बाहर सारा उसका काम बीवी ही संभालती थी।
पुलिस सूत्रों की मानें तो वह गुजरात की साबरमती जेल में तब बंद पति अतीक से मिलने गई थीं, जहां पर दोनों ने उमेश पाल की हत्या की साजिश पर चर्चा की थी। अहमद ने तब उससे जेल में एक फोन और सिम पहुंचाने के लिए कहा था। अतीक इसी फोन के मिलने के बाद अंदर से शूटर्स से बात करता था और पूरी वारदात को रोड मैप तैयार करता था।
इस बीच, अतीक अहमद के सहयोगी और शार्प शूटर "बमबाज" गुड्डू मुस्लिम पर खुलासा हुआ है। सोमवार (आठ मई, 2023) को सूत्रों के हवाले से कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि वह यूपी के कौशांबी के अवधन गांव के एक फार्म हाउस में रुका था। नसीम और शमीम नाम के दो भाइयों के यहां उसे पनाह मिली थी, जबकि वहां के ग्राम प्रधान की भूमिका भी शक के दायरे में है।
