Mahakumbh Stampede: प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ में मची भगदड़ को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। इस बैठक में मौजूदा हालातों की समीक्षा की गई। बताया जा रहा है कि महाकुंभ मेला क्षेत्र में मची भगदड़ के बाद नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (GSP) ने मोर्चा संभाला। साथ ही सुरक्षाबलों की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं।
महाकुंभ सुरक्षा व्यवस्था
कैसे मची भगदड़?
महाकुंभ मेला क्षेत्र में बुधवार तड़के संगम पर एक अवरोध टूटने की वजह से भगदड़ मच गई। अधिकारियों ने बताया कि भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की वजह से कई लोगों के हताहता होने की आशंका है। बता दें कि भगदड़ की वजह से कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 अन्य घायल बताए जा रहे हैं।
8 नए एग्जिट प्वाइंट बनाए गए
महाकुंभ में मची भगदड़ के बाद स्थिति अब सामान्य है। मेला प्रशासन ने मौनी अमावस्या के मौके पर उमड़ी भीड़ को अब रोक-रोक कर स्नान के लिए अंदर भेज रहा है और स्नान के बाद लोगों को लगातार निकाला जा रहा है। इसके लिए 8 नए एग्जिट प्वाइंट तैयार किए गए हैं।
भगदड़ के बाद हालात पर मंथन
मुख्यमंत्री योगी की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में भगदड़ के बाद के हालात पर मंथन हुआ। मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी लगातार महाकुंभ के हालात पर नजर रख रहे हैं। महाकुंभ 2025 के लिए बनाए गए वॉर रूम में मुख्य सचिव, डीजीपी, एडीजी कानून व्यवस्था सहित अन्य अधिकारी मौजूद हैं।
चाक-चौबंद की गई व्यवस्था
महाकुंभ मेला क्षेत्र में सुरक्षाकर्मियों की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मौनी अमावस्या को लेकर सुरक्षा बढ़ाई गई है। हेलीकॉप्टर के जरिए मेला क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। RAF और CRPF की नई कंपनियों की तैनाती हुई है और सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं।
