गुजरात के अहमदाबाद में नगर निगम के फूड विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित तौर पर नकली केचप बनाने वाली फैक्ट्री से करीब 2,000 किलो संदिग्ध केचप जब्त किया है। इस कार्रवाई की शुरुआत एक सामान्य स्ट्रीट फूड लारी पर मिले केचप के डिब्बे से हुई, जिसने अधिकारियों को शक में डाल दिया।
अहमदाबाद में 2000 KG नकली केचप बरामद
जानकारी के मुताबिक, नियमित जांच के दौरान फूड विभाग की टीम को एक लारी पर रखा केचप का डिब्बा मिला। शुरुआती जांच में उत्पाद की गुणवत्ता को लेकर संदेह हुआ। इसके बाद टीम ने डिब्बे पर लिखे पते के आधार पर संबंधित जगह पर पहुंचकर जांच की, लेकिन वहां कोई गतिविधि नहीं मिली और परिसर खाली मिला।इससे विभाग का संदेह और बढ़ गया। इसके बाद अधिकारियों ने अपने सूत्रों के जरिए जांच का दायरा बढ़ाया और तलाश करते हुए अहमदाबाद में एक ऐसी जगह पहुंचे, जहां कथित तौर पर नकली केचप बनाने की फैक्ट्री चल रही थी।
आलू के पाउडर और रसायनों से बनाया जा रहा था उत्पाद
जांच के दौरान मौके से करीब 2,000 किलो संदिग्ध केचप बरामद किया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसे बनाने के लिए पहले आलू को पीसकर बारीक पाउडर तैयार किया जाता था। फिर उसमें पानी मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बनाया जाता था। इसके बाद मिश्रण में रंग, एसिटिक एसिड और अन्य रसायन मिलाकर उसे केचप जैसा रूप दिया जाता था। तैयार उत्पाद को पांच-पांच किलो के डिब्बों में पैक किया जाता था और कथित तौर पर प्रत्येक डिब्बा 105 रुपये में बेचा जाता था। इस तरह के उत्पाद के इस्तेमाल से उपभोक्ताओं की सेहत पर संभावित असर को लेकर चिंता जताई गई है। हालांकि, जब्त किए गए उत्पाद में इस्तेमाल सामग्री और उससे जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों की पुष्टि के लिए प्रयोगशाला जांच के नतीजे महत्वपूर्ण होंगे।
फैक्ट्री तक पहुंची टीम
कार्रवाई के दौरान मौजूद अहमदाबाद नगर निगम के सेफ्टी ऑफिसर अमित पटेल ने टाइम्स नाउ को बताया कि पूरी कार्रवाई की शुरुआत एक लारी से मिले संदिग्ध केचप के डिब्बे से हुई थी। उसी सुराग के आधार पर विभाग ने जांच आगे बढ़ाई और कथित फैक्ट्री तक पहुंचा। पटेल ने कहा कि इस तरह के उत्पादों का सेवन लोगों की सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है। उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों के तहत जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में फैक्ट्री संचालकों की पहचान, गिरफ्तारी और जब्त उत्पाद की प्रयोगशाला जांच के नतीजों का विवरण नहीं दिया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित जांच और खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत की जाएगी।
