24 और 25 नवंबर 2024 को दो दिन IPL Auction 2025 में देश और दुनियाभर के क्रिकेटरों की मंडी सजी। 10 IPL टीमों ने नीलामी में खिलाड़ियों पर जमकर बोली लगाई। ऋषभ पंत और श्रेयर अय्यर जैसे खिलाड़ियों को जहां टीमों में भारी-भरकम रकम खर्च करक अपने साथ जोड़ा। वहीं, कई बड़े अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को कोई खरीददार नहीं मिला। लेकिन इस बीच 13 साल के एक लड़के ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। सिर्फ 13 साल के बिहार के क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी के लिए जमकर बोली लगी और अंत में राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें 1.10 करोड़ में खरीद लिया। जबकि उनके लिए बेस प्राइस 30 लाख रुपये तय हुआ था। चलिए जानते हैं समस्तीपुर के लाल 13 वर्षीय वैभव में ऐसा क्या है कि उनके लिए दिल्ली कैपिटल्स और राजस्थान रॉयल्स में भिडंत हो गई।
वैभव सूर्यवंशी
कौन और कहां के हैं वैभव सूर्यवंशी?
वैभव बिहार में समस्तीपुर के एक उभरते हुए क्रिकेट सितारे हैं। उनका जन्म 2011 में हुआ था और सिर्फ 4 साल की उम्र से ही उन्होंने क्रिकेट में अपनी प्रतिभा दिखानी शुरू कर दी थी। वैभव के पिता संजीव सूर्यवंशी ने क्रिकेट के प्रति उनके जुनून को समझा और घर से पीछे ही एक छोटा सा क्रिकेट ग्राउंड बना दिया। जब वैभव 9 साल के हुए तो उनके पिता ने एक क्रिकेट अकादमी में उनका एडमिशन करवा दिया। वैभव को जिसने भी क्रिकेट खेलते देखा है, वह उनकी प्रतिभा का कायल है और हर कोई मानता है कि वह अपनी उम्र से कहीं बेहतर खेलते हैं।
सबसे कम उम्र के खिलाड़ी
IPL नीलामी में खरीदे जाने वाले वैभव सूर्यवंशी सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं। IPL नीलामी के लिए रजिस्ट्रेशन कराने वाले भी वह सबसे कम उम्र के खिलाड़ी रहे। वैभव ने सिर्फ 12 साल की उम्र में ही बिहार के लिए डेब्यू कर लिया था। बिहार की ओर से खेलते हुए वैभव ने वीनू मांकड़ ट्राफी के पांच मैचों में 400 रन बना डाले। वैभव ने छोटे से समय में ही क्रिकेट की दुनिया में अपनी पहचान बना ली है। हाल में वैभव ने चेन्नई में ऑस्ट्रेलिया अंडर 19 टीम के खिलाफ चार दिवसीय मैच में हिस्सा लिया। यहां उन्होंने सिर्फ 58 गेंदों में शतक जड़कर सभी को अपनी प्रतिभा से रूबरू करवाया। वह नवंबर 2023 में आंध्र प्रदेश के मुलापाडु में अंडर 19 सीरीज के लिए इंडिया-बी अंडर 19 टीम का हिस्सा भी रहे। बांग्लादेश और इंग्लैंड अंडर 19 टीमों के खिलाफ भी वैभव को भारत ए टीम में शामिल किया गया है।
बिहार रणजी में वैभव का जलवा
वैभव ने जनवरी 2024 में पटना में मुंबई के खिलाफ बिहार की रणजी ट्राफी 2023-24 एलीट ग्रुप बी मुकाबले में फर्स्ट क्लास डेब्यू किया। इस तरह से उन्होंने सिर्फ साढ़े 12 साल, 284 दिन की उम्र में रणजी में डेब्यू किया। साल 1986 के बाद वह सबसे कम उम्र में फर्स्ट क्लास में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बन गए। उनसे पहले अलीमुद्दीन ने 12 साल 2 महीने की उम्र में रणजी डेब्यू किया था। महान सचिन तेंदुलकर ने 15 साल, 232 दिन की उम्र में पहला रणजी खेला था, युवराज सिंह ने 15 साल, 57 दिन की उम्र में रणजी में डेब्यू किया था।
एक साल में 49 शतक
वैभव कितने टैलेंटिड खिलाड़ी हैं, इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने एक साल में ही 49 शतक ठोंक डाले। इनमें से 3 तो दोहरे शतक थे। बिहार की तरफ से खेलते हुए वह लगातार हर टूर्नामेंट में रनों का अंबार लगा रहे हैं। वैभव ने समस्तीपुर में कोच ब्रजेश झा के अंडर में 5 साल तक ट्रेनिंग की है। बिहार की तरफ से खलते हुए वैभव ने वीनू मांकड ट्रॉफी में 99.70 की औसत से 360 रन बनाए।
बिहार के रणजी कोच प्रमोद कुमार कहते हैं कि वैभव एक ऐसे खिलाड़ी हैं, जो क्रिकेट खेलने के लिए समय से आते हैं और जाते हैं। वह छोटी-मोटी बातों पर खुश नहीं होते। उनका कहना है कि वैभव कम बोलते हैं, लेकिन क्रिकेट के बारे में बात करेंगे तो वह दिन-रात बात कर सकते हैं। वह मैदान पर कभी भी आराम की मुद्रा में नहीं आते। वह बताते हैं कि लंच और टी ब्रेक के दौरान भी वह फील्डिंग प्रैक्टिस करते रहते हैं, बैटिंग स्किल सुधारते हैं या सीनियर खिलाड़ियों के साथ स्ट्रैच करते रहते हैं।
ट्रायल में वैभव ने किया कमाल
वैभव के पिता संजीव सूर्यवंशी, समस्तीपुर के तेजपुर में एक छोटे किसान हैं और एक हिंदी अखबार में पार्ट टाइम पत्रकार भी हैं। मीडिया से बात करते हुए संजीव ने बताया कि उनके बेटे वैभव को ट्रायल के लिए राजस्थान रॉयल्स और दिल्ली कैपिटल्स ने नागपुर और दिल्ली में बुलाया था। जहां वैभव ने उनके दिए चैलेंज को अच्छी तरह से पूरा किया। यही कारण है कि यह दोनों टीमें उन पर दांव लगा रही थीं।
