Rohtas News: बिहार के रोहतास जिले में सोन नदी एक बार फिर उफान पर है। रविवार सुबह अचानक जलस्तर में आई तेजी के कारण नदी के किनारे बसे तटीय गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है और ग्रामीणों से सतर्कता बरतने की अपील की गई है।
सोन नदी का जलस्तर बढ़ने से बढ़ी चिंता (सांकेतिक तस्वीर|Canva)
वाणसागर से छोड़ा गया पानी बना खतरा
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, वाणसागर डैम से छोड़ा गया पानी रविवार की सुबह रोहतास के प्रखंड क्षेत्र तक पहुंच गया, जिससे सोन नदी के दोनों किनारे पानी से लबालब हो गए। नदी का जलस्तर अब खतरे के निशान से मात्र 30 से 55 सेंटीमीटर नीचे बह रहा है और लगातार बढ़ रहा है।
तटीय गांवों में डर का माहौल
नदी का जलस्तर बढ़ने से तुम्हा, जमुआ, नावाडीह, समहुता, बंजारी, कशिगांवा, रसूलपुर, ढेलाबाद, कर्मा और तुम्बा जैसे दर्जनों गांवों में लोगों के चेहरों पर 2019 की बाढ़ की भयावह यादें ताजा हो गई हैं। उस साल इन गांवों में बाढ़ का पानी घुसने से भारी नुकसान हुआ था।
सोन डीला में फिर संकट
सोन डीला क्षेत्र, जहां बड़ी संख्या में किसान और पशुपालक खेती करते हैं, एक बार फिर संकट में है। ग्रामीणों का कहना है कि 60 से अधिक लोग वहां फंसे हो सकते हैं। अगर जलस्तर में एक-दो फीट की और बढ़त हुई, तो इन इलाकों में पानी घुस सकता है।
रील बनाना छोड़ें लोग
डेहरी SDM निलेश कुमार ने युवाओं से खास अपील की कि वे सोन नदी के किनारे जाकर वीडियो या रील न बनाएं, क्योंकि जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और किसी भी समय हालात बिगड़ सकते हैं। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि "फिलहाल खतरे जैसी कोई स्थिति नहीं है, लेकिन सावधानी जरूरी है।" उन्होंने बताया कि रोहतास के सोन तटीय गांव ऑरेंज जोन में रखे गए हैं और सोन डीला में रह रहे किसान व पशुपालकों से अनुरोध किया गया है कि वे तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर रुख करें।
