Bihar News: हौसला हो तो कोई काम मुश्किल नहीं होता। अपने हौसलों से मंजिल पाने वाले लोग दूसरों के लिए भी नजीर बन जाते हैं। ऐसी ही नजर पूर्णिया जिले के बनमनखी प्रखंड अंतर्गत पुरनदाहा की रहने वाली रूपम कुमारी पेश कर रही है। बचपन से रूपम के दोनों हाथ नहीं हैं। इसके बावजूद ने रूपम ने हार नहीं मानी और पैर से लिखना शुरू किया। रूपम भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (बीएनएमयू) से पीएचडी कर रही है। इन्होंने शनिवार को मधेपुरा स्थित ठाकुर प्रसाद कॉलेज (टीपी कॉलेज) में पीएचडी-2020 के कोर्स वर्क की परीक्षा दी है।
पैर से पीएचडी का कोर्स वर्क लिखती रूपम
परीक्षा के दौरान केंद्र के बाहर रूपम के पति सुरेंद्र प्रसाद शर्मा एवं एक साल की बेटी पीहू प्रिया थी। केंद्र के अंदर जब रूपम ने पैर से पेपर लिखना शुरू किया तो हॉल में मौजूद परीक्षार्थी कुछ देर के लिए उसे देखते रह गए। सभी ने रूपम के हौसले को सलाम किया और हौसला अफजाई की। अध्यापक भी महिला के हौसल की सराहना करने लगे।
