Patna Pink Bus: बिहार सरकार ने महिलाओं के सुरक्षित सफर के लिए बड़ा प्लान तैयार किया है। जी, हां अब पटना में महिला यात्रियों को सस्ते किराये में यात्रा करने के लिए पिंक बस सेवा की शुरुआत की जाएगी, जिससे करीब 27 लाख महिलाओं को लाभ मिलेगा। जानकारी के मुताबिक, शहर के विभिन्न रूटों पर करीब 10 पिंक बसे प्रतिदिन 11 घंटे संचालित होगी। ये सभी बसें सिर्फ महिलाओं के लिए डेडिकेटेड होंगी। प्रत्येक बस में 22 सीटें होंगी और हर सीट के नीचे पैनिक बटन लगी होगी, जिसे आपात स्थिति में दबाया जा सकेगा। इन बसों में सफर करने का सपना मई माह में साकार होने के कयास लगाए जा रहे हैं। आइये जानते हैं इन बसों की क्या खासियतें हैं?
पटना पिंक बस (सांकेतिक फोटो)
पिंक बस में पुरुष यात्री प्रतिबंधित
दरअसल, कॉमन बसों में महिलाओं के लिए यात्रा करना काफी मुश्किल भरा होता है। लिहाजा, राज्य परिवहन निगम ने स्पेशल बसें चलाने का प्लान तैयार किया। इन पिंक बसों की खासियत ये है कि इनमें सिर्फ महिलाएं ही सफर कर सकेंगी। पुरुष यात्रियों की एंट्री पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगी। अगर, कोई पुरुष यात्री जबरदस्त बस में चढ़ने की कोशिश करता है तो कंडक्टर उस पर सख्त कार्रवाई करेगा, जिससे महिलाएं सुरक्षित और सहज यात्रा कर सकेंगी।
पटना पिंक सिटी बस का किराया
प्रभात खबर के हवाले से प्राप्त तथ्यों के मुताबिक, पिंक बसों में सामान्य बसों के मुकाबले महिलाओं यात्रियों को 40 फीसदी कम किराया देना होगा। लेकिन, किराये का अंतिम निर्धारण बसों के संचालन के समय ही किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक, सर्वप्रथम शहर के तीन रूटों पर बसें चलेंगी, जिनमें पटना सिटी से दानापुर, बाईपास-कंकड़बाग-अनीसाबाद-फुलवारी और बोरिंग रोड से दीघा रूट शामिल हैं।
पिंक बस की खासियतें
बसों में फीचर की बात करें तो प्रत्येक बस 22 सीटर होगी और हर सीट के नीचे पैनिक बटन होगी, जो किसी भी तरह की समस्या या आपात स्थिति होने पर दबाने से चालक और परिचालक को मैसेज मिल जाएगा। हर बस सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम इंस्टॉल रहेगा, जो कंट्रोल रूम से हर बस की निगरानी होगी। ड्राइवर, कंडक्टर और अन्य स्टॉफ महिलाओं की सुरक्षा का ख्याल रखेंगे। पिंक बस सेवा महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और सुरक्षा के लिए बेहतर पहल साबित होगी। जानकारी के मुताबिक, आने वाले समय में इस सेवा का और विस्तार किया जाएगा और अन्य रूटों पर संचालित किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक महिलाओं को लाभ मिल सके।
