Patna Police News: मोकामा के सम्यागढ़ में 107 का नोटिस तामील कराने के दौरान पुलिस पर बर्बरता करने का आरोप लगा है। घटना 28 अक्टूबर की है। सम्यागढ़ ओपी के एएसआई नोटिस लेकर गांव गए हुए थे। यहां गांव में छठ पर्व मनाने आए कोलकाता में काम करने वाले इंजीनियर दीपक सिंह और एएसआई प्रमोद बिहार सिंह में बहस छिड़ गई, जिसके बाद दीपक एवं अन्य ग्रामीणों ने थाने पहुंचकर हंगामा किया।
पटना पुलिस पर फिर लगे गंभीर आरोप (प्रतीकात्मक तस्वीर)
इंजीनियर एवं गांव वालों ने आरोप लगाया है कि 28 अक्टूबर की रात 150 पुलिस कर्मी दीपक के घर में जबरन घुस गए और उसे छत से फेंक दिया। इसके बाद पुलिस दीपक समेत दो लोगों को गिरफ्तार करके थाना लेकर चली गई। थाने में पुलिस ने कई ग्रामीणों की पिटाई की। तब से सभी अपना-अपना घर छोड़कर फरार हो गए। घटना से जुड़ा वीडियो अब वायरल हो रहा है।
इंजीनियर का पीएमसीएच में चल रहा इलाज
घायल इंजीनियर दीपक सिंह का पटना मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल (पीएमसीएच) में इलाज चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि एएसआई प्रमोद बिहारी सिंह 107 का जो नोटिस तामील करने आए थे, उसमें कई निर्दोष गांव वालों का नाम था। इसको लेकर पुलिस से बहस होने पर दीपक को भी थाने ले जाया गया। वहां दीपक को समझौते के बाद छोड़ दिया गया। दीपक के परिजन का आरोप है कि पुलिस ने समझौते के लिए पैसे मांगे थे। जब पैसे नहीं मिले तो उन लोगों ने रात में घर में घुसकर उत्पात मचाया और दीपक को छत से फेंक दिया। पुलिस की पिटाई से उसके हाथ और पैर भी टूट गए।
पुलिस बोली, बचने के लिए खुद छत से कूद गया इंजीनियर
पूरे मामले पर एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो का कहना है कि जब दीपक के घर पुलिस पहुंची तो वह बचने के लिए खुद ही छत से कूद गया। इसमें उसको चोटें आई हैं। पुलिस पर लगे सभी आरोप बेबुनियाद हैं। मामले में एएसआई प्रमोद बिहारी सिंह ने अपने बयान पर प्राथमिकी भी दर्ज करवाई है। प्राथमिकी में बताया गया है कि सम्यागढ़ थाने में 50 लोग आए थे और पुलिस वालों से रंगदारी मांगी, अभद्रता की। फिर गला दबाकर पुलिस कर्मियों की जान लेने की कोशिश की। पूरी घटना थाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद है। पुलिस ने 10 नामजद और 35 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
