Bihar News: बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा को आसान बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। गंडक नदी पर एक नया चार लेन का पुल का निर्माण किया जाएगा। यह पुल बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के मनुआपुल और उत्तर प्रदेश के पिपराघाट के बीच बनाया जाएगा। इस पुल की कुल लंबाई 10.5 किलोमीटर होगी।
फाइल फोटो।
सड़क परिवहन मंत्रालय ने दी मंजूरी
इस परियोजना के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। पुल के निर्माण के लिए आवश्यक जमीन के अधिग्रहण के लिए 3-डी अधिसूचना जल्द ही जारी की जाएगी। 3-डी अधिसूचना एक सरकारी दस्तावेज है, जो बताता है कि पुल के निर्माण के लिए किस-किस किसान की जमीन ली जाएगी।
दोनों राज्यों की दूरी होगी कम
यह पुल बेतिया से गोरखपुर और कुशीनगर की दूरी को काफी कम कर देगा। वर्तमान में बेतिया से गोरखपुर की दूरी लगभग 160 किलोमीटर है। नए पुल के बन जाने के बाद यह दूरी घटकर 125 किलोमीटर रह जाएगी। इसी तरह बेतिया से कुशीनगर की दूरी भी 73 किलोमीटर रह जाएगी जो पहले 103 किलोमीटर थी।
बता दें कि गंडक नदी, बिहार के पश्चिम चंपारण जिले से निकलकर सारण जिले में गंगा नदी में मिलती है। यह नदी बिहार के लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस नदी पर यह 11वां पुल होगा। इस पुल के बनने से बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, दोनों राज्यों के लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने में भी मदद मिलेगी।
क्या है 3-डी अधिसूचना
3-डी अधिसूचना के जारी होने के बाद, सरकार उन किसानों से उनकी जमीन ले लेगी, जिनकी जमीन पुल के निर्माण के लिए आवश्यक है। इसके बदले में, सरकार किसानों को मुआवजा देगी। 3-डी अधिसूचना के जारी होने के बाद किसान इस मुआवजे की राशि में कोई बदलाव नहीं करा सकते हैं। यह परियोजना बिहार और उत्तर प्रदेश के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इस परियोजना से दोनों राज्यों के लोगों को कई तरह के फायदे होंगे।
