प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना लॉन्च किया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बिहार की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें छोटा व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इससे उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है। योजना को लॉन्च किए जाने के बाद बिहार की महिलाओं ने खुशी जाहिर करते हुए केंद्र और राज्य सरकार के प्रति आभार प्रकट किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना लॉन्च किया।(फोटो सोर्स: बीजेपी X handle)
छोटे कदम, बड़ी उड़ान: रीता देवी की कहानी
भोजपुर की रीता देवी ने 2015 में छोटे पैमाने पर मुर्गी पालन शुरू किया था। अब योजना से मिलने वाले 10,000 रुपये की मदद से वे 100 और मुर्गियां खरीदने की तैयारी में हैं। उन्होंने कहा, 'सर्दियों में अंडों की मांग बढ़ जाती है। इस सहयोग से मेरी आमदनी भी बढ़ेगी। पीएम आवास, उज्ज्वला, आयुष्मान और मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं ने हमारी जिंदगी को नई दिशा दी है।'
'त्योहार जैसा एहसास' : रंजीता काजी
पश्चिम चंपारण की रंजीता काज़ी के लिए रोजगार योजना उम्मीदों का त्योहार बन गई है। 10,000 रुपये से मैं ज्वार और बाजरे की खेती शुरू करूंगी। भविष्य में ₹2 लाख मिलने पर मैं अपने कारोबार को आगे बढ़ाऊंगी। हमारा सपना है कि एक दिन हम भी लाखपति बनें।'
आत्मनिर्भरता से सम्मान तक: नूरजहां खातून
गया की नूरजहां खातून ने बताया कि इस योजना ने उनके जीवन में आत्मसम्मान और स्वतंत्रता दोनों लौटाए हैं। उन्होंने कहा, 'पहले हमें घर से निकलने तक की अनुमति नहीं थी। पति मारपीट भी करते थे। आज जब मैं कमाने लगी हूं तो वही पति गर्व से मुझे लखपति कहकर पुकारते हैं।'
पुतुल देवी की मिठास भरी सफलता
पूर्णिया की पुतुल देवी मिठाई व्यवसाय चलाती हैं। उनका कहना है कि यह योजना उनके सपनों को साकार करने का अवसर है। उन्होंने कहा, '2 लाख रुपये मिलने पर मैं कारोबार का विस्तार करूंगी और पीएम की स्वदेशी दृष्टि के साथ आगे बढ़ूंगी।'
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने हंसते हुए उनसे पूछा कि क्या उन्हें जलेबी की राजनीति की जानकारी है। यह सुनकर पूरा सभागार ठहाकों से गूंज उठा।
महिलाओं के लिए पीएम का संदेश
महिलाओं की कहानियां सुनकर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आवास, स्वास्थ्य, बिजली और रोजगार जैसी योजनाओं ने मिलकर ग्रामीण जीवन को नई दिशा दी है। उन्होंने लाभार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने गांव की अन्य महिलाओं को भी इन योजनाओं से जोड़ें और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करें।
