पिछले दिनों बिहार में हुई कई आपराधिक घटनाओं की नींव जेल के भीतर से पड़ी। प्रशासन जेल के भीतर होने वाली अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने में असफल रहा है। ऐसे में अब सरकार ने ये फैसला लिया है कि एक हाई सेक्योरिटी वाली हाईटेक जेल बनाई जाए।
बिहार में बनेगी हाईटेक जेल
कुख्यात अपराधियों के लिए बनेगी जेल
इस जेल में अपराधियों को हर तरह की आपराधिक गतिविधियों को रोकने में मदद मिलेगी। वो चाहें जेल से हथियारों या मोबाइल फोन की बरामदगी हो, या जेल में बैठे-बैठे ही किसी अपराध की प्लानिंग करने की हो। बिहार के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) कुंदन कृष्णन ने मीडिया से बात करते हुए राज्य में हाई-सिक्योरिटी जेल की जरूरत को अहमियत बताई। उन्होंने बताया कि कुख्यात अपराधियों, नक्सलियों और कट्टरपंथियों को सुरक्षित और अलग-थलग रखने के लिए बिहार सरकार ने केंद्र को दो लोकेशन प्रस्तावित की हैं, जहां ये खास जेल बनाई जा सके।
यह जेल सुनसान इलाके में बनाई जाएगी ताकि संगठित अपराधों पर नियंत्रण लगाया जा सके।
क्या होगी इस हाईटेक जेल की खासियत
इस जेल में बंद अपराधी से जो भी मिलने आएगा, उसका पूरा रिकार्ड रखा जाएगा, जिससे बाद में उसकी पहचान की जा सके। इसके अलावा मुलाकात के समय वीडियो रिकार्डिंग भी होगी। जिसकी फुटेज पुलिस के पास रहेगी। अपराधियों पर नजर रखने के लिए जेल की निगरानी ड्रोन से की जाएगी।
ADG के अनुसार जेल को ऐसी जगह बनाया जाएगा है, जहां पर मोबाइल का सिग्नल ना पहुंचे और गाड़ियों के आने-जाने के लिए कोई खास रास्ता न हो।
आपराधिक घटनाओं को रोकने की कवायद
पिछले दिनों प्रदेश में ऐसी कई आपराधिक घटनाएं हुईं जिनकी प्लानिंग जेल के भीतर से हुई। ये कोई नई बात नहीं है, अपराधी जैसे तैसे अपने गिरोह से संपर्क साध लेते हैं और फिर किसी और अपराध को अंजाम देते हैं। ADG ने कहा कि इस तरह की घटनाएं केवल बिहार तक सीमित नहीं हैं, पिछले दिनों तिहाड़ जेल में बंद लॉरेंस विश्नोई से जुड़े हुए ऐसे कुछ मामले सामने आए थे। ऐसे में बिहार पुलिस और राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। बिहार सरकार ने केंद्र को ये जेल बनाने के लिए दो जगहों का प्रस्ताव भेजा है।
