Patna News: बिहार में छात्रों के साथ शिक्षकों की उपस्थिति को सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग ने सख्त आदेश दिए थे। इस दौरान पटना में शिक्षकों की उपस्थिति तो सुनिश्चित हो गई लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं हुआ है। यहां शिक्षा व्यवस्था इतनी बदहाल है कि छात्र ही विरोध करने के लिए मजबूर हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, वार्ड 60 के अंतर्गत सात कमरों वाले एक भवन में दो प्राथमिक और दो मध्य विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। इतना ही नहीं यहां मात्र तीन कमरें है, जहां क्लासेज चलती हैं। अन्य तीन कमरों में ऑफिस बनाए गए हैं। वहीं शेष एक कमरे का उपयोग स्टोर रूम के रूप में किया जा रहा है। 7 कमरों वाले इस भवन में कक्षाएं दो पाली में आयोजित की जा रही है।
एक भवन में 4 स्कूल, शिक्षा की गुणवत्ता पर छात्रों का विरोध
दो शिफ्ट में होती हैं कक्षाएं
जानकारी के अनुसार, 7 कमरों वाले इस भवन में एक या दो नहीं चार विद्यालय चल रहे हैं। इस भवन में महिला चरखा समिति मध्य विद्यालय मुगलपुरा, उर्दू मध्य विद्यालय पक्की गोरैया, नेहरू चिल्ड्रन कबीर प्राथमिक विद्यालय और कन्या उर्दू प्राथमिक विद्यालय पक्की गोरैया स्कूल चल रहे हैं, जिसमें करीब 500 बच्चे नामांकित है। कक्षाओं का आयोजन दो शिफ्ट में किया जाता है। इसमें पहली से पांचवी कक्षा की क्लास सुबह की पहली शिफ्ट में होती है। वहीं छठी से आठवीं तक की क्लासेज दूसरी शिफ्ट यानी दोपहर 1 बजे के बाद होती है।
बदले मौसम के मिजाज बत्ती हुई गुल
यहां बारिश की स्थिति में छात्रों को सबसे अधिक परेशानी होती है। अचानक मौसम बदलने के कारण स्कूल में अंधेरा छा गया। वहीं जर्जर हुई छतों से पानी टपकने लगा। इस स्थिति में बच्चों को स्कूल के बरामदे में दरी पर बैठकर पढ़ने को कहा गया। तभी छात्रों ने इस पर आपत्ति जताई। वहीं छह से आठवीं कक्षा तक पढ़ रही कई छात्राओं ने पुरुष शिक्षक के सामने जमीन पर बैठकर पढ़ने में असहजता भी जताई। उन्होने बताया कि स्कूल में बैठने के लिए बेंच नहीं है। छत से पानी टपकता है। यहां तक की कक्षा में अंधेरा है।
एक से दो घंटे की पढाई पर विरोध
बता दें की यहां केवल एक से दो घंटे की पढाई हो रही है। छात्रों ने परेशान होकर स्कूल के परिसर में विरोध प्रदर्शन किया है। बताया जा रहा है कि कक्षाओं को बदलने में, लंच करने में और शिक्षकों की गपशप में बहुत अधिक समय निकल जाता है, जिसके बाद केवल एक से दो घंटे तक की पढ़ाई होती है। व्यवस्था से परेशान होने के बाद छात्रों ने विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष सह स्थानीय पार्षद शोभा देवी को हस्ताक्षर युक्त पत्र सौंपा है। इसमें उन्होंने स्कूल व्यवस्था की बदहाली और शिक्षा की गुणवत्ता से संबंधित जानकारी दी है। विरोध प्रदर्शन की जानकारी प्राप्त करने के बाद पार्षद ने सीएम व जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
